डॉ जगन के हैदराबाद के तरनाका स्थित निवास पर ली गई तलाशी के दौरान भड़काऊ सामग्री, माओवादी पार्टी के लेटरहेड और प्रतिबंधित साहित्य बरमाद हुई। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस को संदेह है कि उनके सिर पर किसी भारी चीज से वार किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। फ़िलहाल डेड बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुँच कर सबूत जुटाए।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें सुरक्षा गार्ड छात्राओं की कुर्ती की लंबाई जाँच कर उन्हें कॉलेज में प्रवेश दे रही थीं। छात्राओं से कहा गया कि यह नियम इसलिए लागू किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें अच्छे शादी के प्रस्ताव मिल सकें।
पहले तो छात्राओं को सिर्फ़ चेतावनी दी गई कि अगर उनकी कुर्ती की 'सही लम्बाई' नहीं रही तो उन्हें कॉलेज परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। लेकिन, शुक्रवार को हालात तब बिगड़ गए जब इन छात्राओं के साथ बदतमीजी की गई, उनकी कुर्ती खींची गई और उनके साथ धक्का-मुक्की हुई।
108 घंटे तक चले इस ऑपरेशन के दौरान 18 सितम्बर को भारतीय सेना हैदराबाद में घुसी। हैदराबाद की सरकार ने 17 सितम्बर को ही इस्तीफा दे दिया था। हाउस अरेस्ट में किए जाने का बाद निज़ाम अब ये कह कर भुलावा दे रहा था कि वह नई सरकार का गठन करेगा।
रंगराजन ने अर्चक पर झूठे आरोप को दुर्भाग्यपूर्ण और पुलिस के अधिकार-क्षेत्र के बाहर बताते हुए पुलिस पर उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने राज्य के Endowments विभाग से दो सवाल भी पूछे......
बशीर ने 12 अगस्त को समीरा पर कुल्हाड़ी से प्रहार किया। गले पर गंभीर चोट आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद बशीर फरार हो गया। 20 अगस्त को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
कुछ दिनों पहले तेलंगाना में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने महिला राजस्व अधिकारी वी लावण्या के घर से 93.5 लाख नकद और 400 ग्राम सोना बरामद किया था। लावण्या को तेलंगाना सरकार की तरफ से सर्वश्रेष्ठ तहसीलदार का पुरस्कार मिला था।
इस दौरान मंदिर के पुजारियों ने करवान इलाके के नदीम को सम्मानित भी किया, क्योंकि हैदराबाद के वो पहले शख्स थे जिन्होंने तेलंगाना के रंग रेड्डी गाँव में मोइनबाद मंडल के पास एक छोटी बच्ची का बलात्कार होने से बचाया था। पुजारियों ने उन्हें इस दौरान आशीर्वाद के साथ 'जटायु सेना' का पहला सदस्य होने का सम्मान दिया।
19 जून की देर रात बच्ची के साथ बलात्कार और फिर उसकी हत्या। 24 जुलाई को कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हुई। मात्र 6 कामकाजी दिनों (छुट्टियों को छोड़कर) के भीतर गवाहों गवाही ली गई। 8 अगस्त 2019 को दोषी को मौत की सजा सुनाई गई।