रिसॉर्ट में एक केबल डाला गया था। इनका जितना लोड है, उस हिसाब से कनेक्टिविटी नहीं है। मामले में बिजली विभाग के एसडीओ आए थे, उन्होंने बिजली की चोरी की वारदात पकड़ी है। और मामले में एफआईआर दर्ज करने को कह दिया गया है।
2016 में सपा सांसद आज़म खान ने 'कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना' के अंतर्गत सपा कार्यालय से मकानों के आवंटन पत्र बाँटे थे। जबकि, सरकारी ऑफिस में इन मकानों के आवंटन का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक उससे कहा गया कि यह जमीन अब आजम खान की है। यहाँ वह एक स्कूल बनाएँगे और फिर बाद में उन्होंने उनके घर पर बुलडोजर चला दिया। पीड़ित का कहना है कि उस वक़्त पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज करने से मना करते हुए धमकी भी दी थी।
..वो लोग घर में रखे समान व सोने-चाँदी के आभूषण सहित नगदी लूट कर ले गए और जाते-जाते जान से मारने और झूठे मुकदमों में फ़साने की धमकी भी देकर फरार हो गए। इस कारण उस समय पुलिस ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की।
एसपी ने बताया कि इस मामले में दो FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें छ: लोगों को नामज़द किया गया है, इनमें सांसद आज़म खान, पूर्व सीओ आले हसन, फ़साहत शानू, वीरेंद्र गोयल, एसओजी का एक पूर्व सिपाही धर्मेंद्र आदि शामिल हैं।
रामपुर से सपा सासंद आजम खान हाल ही में भू-माफिया घोषित किए गए थे। वह जौहर विश्वविद्यालय के चांसलर हैं और कई लोगों की जमीन हड़पने के आरोपी भी हैं। उनके ऊपर 'आलिया मदरसा' से किताबें चुरानें और रामपुर में क्लब से शेर की मूर्तियाँ चुराने का भी आरोप है।
जौहर यूनिवर्सिटी पर छापा ऐसे वक्त पड़ा है, जब पहले से ही आज़म ख़ान जमीन कब्जाने के कई मामले में घिरे हुए हैं। उन पर जमीन हड़पने को लेकर कुल 27 मुकदमे दर्ज हैं। रामपुर में लग्जरी रिसॉर्ट के लिए जमीन कब्जाने को लेकर नोटिस जारी किया गया है।
नायब तहसीलदार की तरफ से दर्ज किए गए मामले में आरोप लगाया गया है कि जौहर विश्वविद्यालय ट्रस्ट और आज़म ख़ान को फ़ायदा पहुँचाने के लिए दस्तावेज़ों में छेड़छाड़ की गई। इसके अलावा आज़म ख़ान पर महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने को लेकर दो मुक़दमे दर्ज हो चुके हैं।
पासपोर्ट मामले में अब्दुल्ला आजम खान पर FIR आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12 के तहत मामला दर्ज किया गया था। बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने शिक्षण दस्तावेजों और पासपोर्ट में अलग-अलग जन्मतिथि दर्ज करवाने की शिकायत की थी।