इसे झेलने वाले यूज़र ने अपने खुद के अनुभव से बताया कि कैसे नाले और सीवर का यह पानी घरों में पानी पहुँचाने वाले पाइप के ज़रिए टंकी तक में भर जाता है। यह पानी एकदम गन्दा, दुर्गन्ध वाला और काला होता है।
हाल में ही केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवान ने पेयजल की गुणवत्ता के आधार पर देश के प्रमुख शहरों की रैंकिंग जारी की थी। जिसमें दिल्ली का पानी सबसे खराब बताया गया था।
बीजेपी सांसद ने कहा, अनुबंध में बंधे होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो पाया। दिल्ली में पानी की गुणवत्ता को लेकर मुख्यमंत्री केजरीवाल पर साधा निशाना।
केंद्र सरकार ने देश भर में 21 शहरों के नमूनों की जाँच की। जाँच में पता चला कि मुंबई का पानी सबसे अव्वल है, तो दिल्ली का पानी सबसे ख़राब। इसमें राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के 11 इलाक़ो से नमूने लिए गए थे।
अपने नोटिस में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि वह चाहेगी कि दिल्ली सरकार उसे समझाए कि दोपहिया वाहनों, तीनपहिया वाहनों और टैक्सियों के मुकाबले कम प्रदूषण करने वाली कारों को रोककर वह क्या हासिल कर रही है।
एक 3 बार राज्यसभा चला गया, दूसरे के भाग का छींका गुप्ताओं ने हड़प लिया। एक ने अपने नेता को 'धोबी का कुत्ता' बना दिया, दूसरे को उसके नेता ने ही 'धोबी का कुत्ता' बना दिया। एक शाकाहारी अंडे की बात करता है, दूसरा ब्रेड-अंडे की। 'सामना' करिए 'सत्य हिंदी' का।
दिल्ली विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर जो मुफ़्त बिजली बिल से संबंधित दस्तावेज़ उपलब्ध हैं, उसके अनुसार, सिर्फ़ 31 मार्च 2020 तक ही 200 यूनिट मुफ़्त बिजली का प्रावधान किया गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल अपनी चुनावी राजनीति को अंजाम देते हुए जनता को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने...
पिछले हफ्ते डेंगू के 230 से अधिक नए मामले सामने आए थे। यह इस साल अब तक के एक हफ्ते में सबसे ज्यादा है। दिल्ली में इस साल अब तक डेंगू के 1,069 मामले सामने आ चुके हैं।
आरटीआई जवाब में कहा गया कि दिल्ली सरकार ने साल 2015 में कुल ₹1174.67 करोड़ का ग्रीन टैक्स जमा किया था, जिसमें से केवल ₹272.51 करोड़ ही खर्च किए गए। इस ₹272 करोड़ में से ₹265 करोड़ सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर खर्च किए गए।
बीते साल जब दिल्ली की हवा बिगड़ रही थी तो केजरीवाल फैमिली के साथ दुबई प्राइवेट ट्रिप पर निकल गए थे। इस बार चुनाव चौखट पर है, इसलिए बने रहने की मजबूरी है। प्रदूषण के बहाने वे अपने 'बच्चा पॉलिटिक्स' को मॉंजने में जुट गए हैं।