बिजली विभाग के लखनऊ में स्थित एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले का राजनीति से कोई लेना देना नहीं है। जहाँ भी बिल पेंडिंग हैं, वहाँ का बिजली कनेक्शन काटा जा रहा है। मायावती का घर भी इसी क्रम में बिजली विभाग की रडार पर आया।
“कॉन्ग्रेस, बीजेपी व अन्य पार्टियाँ यहाँ उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार होने पर संत गुरु रविदास जी को कभी मान-सम्मान नहीं देती है, लेकिन सत्ता से बाहर होने पर फिर ये अपने स्वार्थ में इनके मन्दिरों/स्थलों आदि में जाकर किस्म-किस्म की नाटकबाजी जरूर करती हैं। इनसे सतर्क रहें।”
पीड़िता शाह आलम की कंपनी में ही काम करती है। आरोप है कि कंपनी में ऊँचे ओहदे और मोटी तनख्वाह का लालच देकर विधायक उस पर संबंध बनाने का दबाव डाल रहे थे। उसे आपत्तिजनक मैसेज भेजते थे।
“कॉन्ग्रेस को महाराष्ट्र के मुद्दे पर दिक्कत हो रही है। इसीलिए उन्हें बार-बार सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ रहा है। लेकिन उनको शायद याद नहीं है कि राजस्थान में सहयोगी पार्टी होने के बावजूद बसपा के सभी विधायकों को उन्होंने तोड़ लिया था, तब उन्हें संविधान की याद नहीं आ रही थी।”
लखनऊ गेस्ट हाउस कांड मामले में मुलायम सिंह यादव, उनके भाई शिवपाल सिंह यादव, बेनी प्रसाद वर्मा और आजम खान सहित कई नेताओं के खिलाफ मायावती की ओर से हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया था। फिलहाल, मायावती ने सिर्फ मुलायम सिंह यादव पर ही नरमी दिखाई है।
नागपुर की रैली में बसपा सुप्रीमो ने कहा कि देशव्यापी धर्म-परिवर्तन तभी संभव हो सकता है जब 'बाबा साहब के अनुयायी' उनके बताए रास्तों पर चलें। बता दें कि नागपुर की ही दीक्षा भूमि में भीमराव आंबेडकर ने बौद्ध धर्म अपना लिया था।
बसपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह का कहना है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि गाँव में चल रहे एक मुकदमे के मामले में दबाव बनाने के लिए उन्हें साजिश के तहत फँसाया जा रहा है।
पीड़िता ने कहा कि आरोपित अतुल को लोग कह रहे हैं कि वो किसी भी तरह से छूट जाएँगे और फिर उसका उन्नाव रेप पीड़िता से भी बदतर हाल करेंगे। पीड़िता ने कहा कि उसने न्याय के लिए CJI को भी पत्र लिखा है।