वीरेंदर उर्फ़ काले को मार गिराने की इस वारदात में 10 से अधिक अपराधी शामिल थे। हत्या करने के बाद सभी अपराधी भाग निकले। हमलावरों का सुराग पाने के लिए पुलिस सीसीटीवी कैमरों को खँगाल रही है।
'पैसे लेकर टिकट दिए जाने की समस्या का समाधान' विषयक एक सेमिनार में बसपा विधायक ने यह बात कही। उनके बयान पर विधानसभा में मौजूद उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा इस पर तो मायावती ही स्पष्ट जवाब दे सकती हैं।
आरोपितों की पहचान शकू, जाहिद, ओसफ, जुबैर, गुफरान, नेमुद्दीन, नानू, शकील, नवीन, तस्लीम, रईस, फेम और अबरार के रूप में हुई है। इनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जिसमें से शकू, जाहिद, ओसफ, जुबैर, नानू और तस्लीम को गिरफ्तार किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने बागी विधायकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि उन्हें विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। इसके बाद से बागी विधायक विश्वासमत पर चर्चा से दूर ही रहे हैं। उन्हें मनाने के गठबंधन सरकार के प्रयास अब तक सफल नहीं हो पाए हैं।
पीड़िता ने इस बात का भी ख़ुलासा किया था कि अतुल राय ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। अतुल राय लोकसभा चुनाव प्रचार के समय से ही लापता था। पिछले दिनों संसद में शपथ ग्रहण के दौरान भी अतुल राय वहाँ मौजूद नहीं था, इसलिए भी वो चर्चा का विषय बना हुआ था।
लोकसभा चुनाव 2019 थम गए हैं लेकिन इसके नतीजे और रुझान थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। चुनाव में बहन मायावती की पार्टी BSP को मिली करारी हार के बाद पार्टी में असंतोष खुलकर सामने आ गया है।
अलियास ने माना कि वो अपनी गर्लफ्रेंड की मदद करना चाहता था, जो कि एमबीए कर रही थी। इसके लिए उसने AMU के कर्मचारी इरशाद की सहायता ली। ये आरोपित लीक हुए पेपर को ₹2,000 प्रति व्यक्ति बेचने की प्लानिंग कर रहे थे। इसके लिए इन सभी ने व्हाट्सअप ग्रुप भी बना लिया था।
अतुल जमानत के लिए हाई कोर्ट तक गए, लेकिन उन्हें जमानत नहीं मिली। अतुल राय के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया है। हालाँकि वो चुनाव प्रचार के दौरान वह अपने क्षेत्र में मौजूद नहीं थे, फिर भी उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी से लगभग 1 लाख 22 हजार वोटों से जीत हासिल की थी।
मायावती ने एक बयान देते हुए कहा कि बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार है। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री पद का सपना देख रही मायावती ने वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए अनफिट बताया।
मायावती ने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार एवं पुलिस प्रशासन के विरुद्ध भी सख्त कदम उठाना चाहिए, जिन्होंने वहाँ राजनीतिक स्वार्थ के लिए पुलिस और प्रशासन पर दबाव बनाकर इस मामले को दबाए रखा।