सीएए विरोध के नाम पर बच्चे उकसाए जा रहे हैं। उनसे आजादी के नारे लगवाए जा रहे। कट्टरपंथी उनका ब्रेनवॉश कर रहे हैं। बावजूद इसके बच्चों के अधिकार का हवाला दे मीडिया गिरोह इनकी करतूतों का समर्थन कर रहा है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक शरजील अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आना चाहता था। वह आर्टिकल 370, अयोध्या और सीएए को लेकर मुस्लिमों को कड़ी प्रतिक्रिया देने के लिए लगातार भड़का रहा था।
पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए सड़क को दोनों ओर दो स्थानों पर बेरिकेडिंग लगाई है। इसके साथ ही धरने में शामिल होने वाले लोगों की कड़ाई से जाँच की जा रही है। धरने से करीब 100 मीटर दूर बेरिकेडिंग लगाई गई है।
“जब मैं SDPI के नाम का उल्लेख करता हूँ तो विपक्ष क्यों उत्तेजित हो रहा है? क्या वे कह रहे हैं कि मुझे SDPI और उग्रवाद के बारे में बात नहीं करनी चाहिए?” SDPI एक चरमपंथी इस्लामी राजनीतिक संगठन है, जो केरल और देश के अन्य कई हिस्सों में कई सांप्रदायिक हमलों के पीछे है।
दरभंगा मॉड्यूल! शुरुआत इंडियन मुजाहिदीन के फाउंडर यासीन भटकल ने की। NIA ने दरभंगा मॉड्यूल में जाकिर नाइक का भी कनेक्शन बताया था। चुपके-चुपके इसका विस्तार पूरे मिथिलांचल में हो रहा है।
वहाँ भारत का ऐसा नक्शा लगाया गया है, जहाँ उत्तर-पूर्व भारत को देश से अलग दिखाया गया है। ऐसा दिखाया गया है कि उत्तर पूर्वी भारत को शेष भारत से अलग काट दिया गया है। इससे साफ़ मालूम होता है कि शाहीन बाग़ प्रदर्शन के पीछे देशविरोधी मानसिकता काम कर रही है।
शाहीन बाग़ के एक प्रदर्शनकारी ने मृत बच्ची के सम्बन्ध में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा- "वो अल्लाह की बच्ची थी, अल्लाह ने उसे बुला लिया।" कितनी आसानी से एक इंसानी ग़लती को उपरवाले के सिर मढ़ दिया गया और कोई मीडिया आउटरेज भी नहीं। उस बच्ची ने क्या अपनी सहमति दी थी कि मुझे सीएए-NRC के विरोध में प्रदर्शन करने ले चलो?
कालिंदी ने मीडिया में चल रही उन बातों से भी इनकार किया, जिनमें कहा जा रहा है कि उनके घर में घरेलू विवाद चल रहा था। उन्होंने उन मीडिया ख़बरों को भी नकार दिया, जिनमें रंजीत की तीन शादियाँ होने की बातें कही जा रही थी।
भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने दो वीडियो शेयर किए हैं। इनमें से एक शाहीन बाग और दूसरा दिल्ली के शहर काजी का बताया जा रहा है। वीडियो में जो कुछ कहा जा रहा है वह बेहद भड़काऊ और चिंताजनक है। हालॉंकि ऑपइंडिया इनकी पुष्टि नहीं करता।