अलीगढ़ के SSP आकाश कुल्हारी के अनुसार, शरजील के खिलाफ IPC की धारा 124ए, 153ए, 153बी और 505 (2) के अंतर्गत FIR दर्ज की जा चुकी है और उनकी टीम जल्द ही शरजील को गिरफ्तार करेगी।
"यह कहते हैं सभी का खून है शामिल यहाँ की मिट्टी में, किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है। इन गद्दारों की बात सुनकर कैसे मान लूँ कि इनका खून शामिल है, यहाँ की मिट्टी में? कह रहा है असम को काट कर हिंदुस्तान से अलग कर देंगे।"
विवादित नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि आज कुछ लोग महात्मा गाँधी के हत्यारों को राष्ट्रभक्त कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दू मुस्लिम एकता के लिए गाँधी ने बहुत कुछ किया है लेकिन आज गाँधी को हिन्दू विरोधी साबित करने की कोशिश ही रही है।
राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की सक्रियता ने शिवसेना की नींद उड़ा दी है। पार्टी के मुखपत्र दोपहर का सामना के संपादकीय में कहा गया है, "देश में घुसे पाकिस्तानी और बांग्लादेशी मुस्लिमों को निकालो। उन्हें निकालना ही चाहिए, इसमें कोई दो राय नहीं।"
वास्तविकता आज बुरका पहनकर शाहीन बाग़ में अल्लाह हू अकबर के नारे लगाते हुए पत्रकारों की सामूहिक लिंचिंग कर रही है। सेकुलर शाहीन बाग़ आज ला इलाहा इल्लल्लाह और अल्हम्दुलिल्लाह का स्वर बोल रहा है, और क्योंकि यह स्वर क्रांतिजीवों, JNU-मतावलम्बियों के श्रीमुख से निकला है, इसलिए प्रोग्रेसिव लिबरल भी उनकी हाँ में हाँ मिलाता नजर आ रहा है।
सरिता विहार के लोगों ने 2 फरवरी को प्रदर्शन की योजना बनाई है। यहॉं से शाहीन बाग तक मार्च निकाला जाएगा। इनका कहना है कि आम लोगों की सहूलियत देख बंद सड़क को खोल दिया जाए।
"अंग्रेज मुस्लिमों के कम दुश्मन थे। 1900 से लेकर 1950 तक अंग्रेजों ने मुस्लिमों के साथ कम पक्षपात किया। लेकिन न्यायपालिका 1950 के बाद से मुस्लिमों की दुश्मन बन गई है। 1950 के बाद मुस्लिमों को एक तरह की ग़ुलामी में डाल दिया गया।"
“हम नॉर्थ ईस्ट और हिंदुस्तान को परमानेंटली काट कर सकते हैं। परमानेंटली नहीं तो कम से कम एक-आध महीने के लिए असम को हिंदुस्तान से काट ही सकते हैं। मतलब इतना मवाद डालो पटरियों पर, रोड पर कि उनको हटाने में एक महीना लगे। जाना हो तो जाएँ एयरफोर्स से।”
दीपक चौरसिया और रवीश कुमार दोनों ही वरिष्ठ पत्रकार हैं। अंतर सिर्फ इतना है कि दोनों की सैलरी अलग-अलग जगह से आती है। लेकिन हैं दोनों ही पत्रकार। शायद शाहीन बाग वाले इस बात को समझ नहीं पाए। तभी एक तरफ वो रवीश के साथ याराना रखते हैं जबकि दीपक चौरसिया के साथ मारपीट की जाती है।
पूरे शहर में धारा-144 और कर्फ़्यू लगने के बाद भी कई जगहों पर हिंसक झड़पें हुई। बरवा टोली स्थित एक खड़े ट्रक में रात 9:30 बजे उपद्रवियों ने आग लगा दी। पुलिस जब तक वहाँ पहुँची, तब तक ट्रक धू-धू कर जल चुका था। इस घटना के बाद उस इलाके के लोग दहशत में हैं।