Homeदेश-समाज'अरेस्ट करने को पुलिस टीम भेज दी है' - असम को भारत से काटने...

‘अरेस्ट करने को पुलिस टीम भेज दी है’ – असम को भारत से काटने वाले ‘इमाम’ पर अलीगढ़ SSP का आदेश

अलीगढ़ एसएसपी ने कहा है कि शाहीन बाग़ में CAA विरोधी गतिविधियों के मास्टरमाइंड और JNU के छात्र शरजील इमाम ने 16 जनवरी, 2020 को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में देश विरोधी बयान दिए थे। एसएसपी ने बताया कि शरजील इमाम के खिलाफ वीडियो के आधार पर केस फ़ाइल किया गया है।

शरजील इमाम द्वारा भारत को तोड़ने और असम को भारत से अलग कर देने की बात करने वाले शरजील इमाम के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है। CAA विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ बयान देने के आरोप में शरजील इमाम के खिलाफ असम और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में FIR दर्ज की गई है।

अलीगढ़ के SSP आकाश कुल्हारी के अनुसार, शरजील के खिलाफ IPC की धारा 124ए, 153ए, 153बी और 505 (2) के अंतर्गत FIR दर्ज की जा चुकी है और उनकी टीम जल्द ही शरजील को गिरफ्तार करेगी।

अलीगढ़ एसएसपी ने कहा है कि शाहीन बाग़ में CAA विरोधी गतिविधियों के मास्टरमाइंड और JNU के छात्र शरजील इमाम ने 16 जनवरी, 2020 को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में देश विरोधी बयान दिए थे। एसएसपी ने बताया कि शरजील इमाम के खिलाफ वीडियो के आधार पर केस फ़ाइल किया गया है। और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दल भेज दिया गया है। इस मामले में हिंदू संगठन ने मुकदमा दर्ज करने के लिए अलीगढ़ सिविल साइन थाने में शिकायत दी थी।

‘हम असम को हिंदुस्तान से परमानेंटली काट देंगे’ – शाहीन बाग के ‘मास्टरमाइंड’ की खुलेआम धमकी, वीडियो Viral

सबसे बड़ा फासिस्ट था गाँधी, संविधान और कोर्ट मुस्लिमों का दुश्मन: शाहीन बाग़ का सपोला शरजील

जिसने दी असम को हिंदुस्तान से काटने की धमकी, उस ‘इमाम’ के खिलाफ दर्ज होगा देशद्रोह का मुकदमा

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -