सिंधिया ने अब राज्य सरकार की ट्रांसफर और पोस्टिंग पर सवाल उठाए हैं। सरकार पर तंज कसते हुए कहा, “ट्रांसफर- पोस्टिंग का क्या हाल है वो तो सब जानते ही हैं। मैं आपसे ये कहूँगा कि आप काम पर ध्यान दें।”
इस तरह की टिप्पणी कर लोगों को उकसाते वक्त सिद्धरमैया शायद यह भूल जाते हैं कि संविधान में कई बार बदलाव और संशोधन किए गए हैं। इनमें से कई सारे विवादास्पद संवैधानिक संशोधनों के लिए उनकी खुद की पार्टी जिम्मेदार है।
वसुंधरा राजे ने मीसा बंदियों के लिए पेंशन शुरू किया था। राजे ने उन्हें लोकतंत्र सेनानी का दर्जा दिया था। मीसा बंदियों को 20 हजार रुपए मासिक पेंशन, निशुल्क बस यात्रा और निशुल्क चिकित्सा सुविधा देने की योजना लागू थी।
तीन तलाक को अपराध बनाने वाले कानून की आलोचना करते हुए ओवैसी ने कहा कि यह सभी मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ है। उन्होंने मराठों की तरह ही मुस्लिमों को भी आरक्षण देने की मॉंग रखी।
अमित शाह ने विपक्ष के इन आरोपों को लेकर इनकार किया कि केंद्र सरकार चुनाव के समय गड़े मुर्दे उखाड़ रही है। उन्होंने पूछा कि पी चिदंबरम मामले के समय कौन सा चुनाव था? साथ ही उन्होंने पूछा कि जब अगस्ता-वेस्टलैंड हैलीकॉप्टर मामले में कार्रवाई की गई, तब कौन सा चुनाव था?
क्या किसी पार्टी का पूर्व अध्यक्ष और सर्वेसर्वा ऐसा कह सकता है कि उसकी पार्टी ने कुछ नहीं किया? राहुल गाँधी कह सकते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि जनता ने अब बहुत देख लिया है और पिछले 70 सालों में कुछ नहीं हुआ।
"इस साल के पुरस्कार विजेताओं का शोध वैश्विक स्तर पर ग़रीबी से लड़ने में हमारी क्षमता को बेहतर बनाता है। मात्र दो दशक में उनके नए प्रयोगधर्मी दृष्टिकोण ने विकास अर्थशास्त्र को पूरी तरह बदल दिया है। विकास अर्थशास्त्र वर्तमान में शोध का एक प्रमुख क्षेत्र है।''
".....जरूरी पारिवारिक समारोह की वजह से मैं पूरे दिन व्यस्त था और इसकी जानकारी मैंने राहुल गाँधी को पहले ही दे दी थी। वो (राहुल गाँधी) मेरे नेता हैं और मेरे लिए हमेशा रहेंगे। लेकिन निकम्मा क्यों अनुपस्थित था?”
सांगोद से विधायक भरत सिंह ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर खनन विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-27 की क्षतिग्रस्त सड़क के लिए ठेकेदार काे अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही है।
खुर्शीद ने कहा, कॉन्ग्रेस बीजेपी की तरह नहीं है और न उसे कभी होना चाहिए। उन्होंने लिखा, “जब हमारे प्रवक्ता बीजेपी को काउंटर करने के हमारे दायित्वों की तरफ इशारा करते हैं तो उन्हें यह जरूर याद रखना चाहिए कि यह तभी संभव है जब हम बहुआयामी वैश्विक नजरिए और भयहीन अभिव्यक्ति पेश करेंगे।”