संजय निरुपम ने कहा कि ऐसा लग रहा है सत्यपाल मलिक, पीएम मोदी की चापालूसी कर रहे हैं, चमचागिरी कर रहे हैं, ताकि उनकी कुर्सी बची रहे। राज्यपालों को अपनी गरिमा का ख्याल रखना चाहिए।
तृणमूल कॉन्ग्रेस के सदस्य ने बताया कि ममता बनर्जी और चंद्रबाबू नायडू ने महागठबंधन पर लंबी चर्चा की है जिसमें बुधवार को कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी से हुई मुलाक़ात के विषय पर भी बातचीत हुई।
यह व्यक्ति ऑपइंडिया तीखीमिर्ची सेल के रडार में अपनी हरकतों की वजह से ही आया है। हमारे सूत्रों ने नाम न बताने की शर्त पर हमें बताया कि यह व्यक्ति बह से शाम तक कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच ही रहकर उन्हीं के साथ घूम रहा है, लेकिन काम भाजपा का ही कर रहा है और अपनी ऊल-जुलूल हरकतों के कारण रोजाना चर्चा में बना है।
जो मीडिया और क्रांतिजीव 5 साल तक मोदी की विदेश यात्राओं का लेखा-जोखा करते रहे, उन्हें नेहरू से लेकर राजीव गाँधी के भ्रमणों से रूबरू होना चाहिए, ताकि वो उसकी समीक्षा कर के बता सकें कि मिस्ट्रेसीकरण और ससुरालीकरण उनकी किसी विदेश नीति का हिस्सा थे?
आरोप है कि इन पैसों का इस्तेमाल वोटरों की खरीद-फरोख्त के लिए किया जाने वाला था। इस सिलसिले में आईपीसी की धारा 171 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 के तहत मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है।
निजी कारणों के लिए नौसेना की संपत्ति का उपयोग करने की परंपरा राजीव गाँधी द्वारा शुरू नहीं की गई थी। जवाहरलाल नेहरू ने इस पुश्तैनी परंपरा की शुरुआत की थी वो भी "आदमखोर" महिला मित्र एडविना माउंटबेटन के लिए।
अभी हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को थप्पड़ मारने की ख़बर सामने आई थी, इसी बीच कॉन्ग्रेस नेता नवजोत सिंह पर एक महिला द्वारा अपनी चप्पल (स्लीपर) मारने की ख़बर का ख़ुलासा हुआ है।
मेहमानों की सूची में राहुल और प्रियंका के चार दोस्त, सोनिया गाँधी की बहन, बहनोई और उनकी बेटी, उनकी विधवा माँ आर. मैनो, उनके भाई और एक मामा शामिल थे। साथ ही पूर्व सांसद अमिताभ बच्चन, उनकी पत्नी जया और उनके तीन बच्चे भी मौजूद थे।
ये चम्पक लेफ़्ट-लिबरल इको सिस्टम जितना चिल्ला ले कि मोदी ने तो कॉन्ग्रेस की योजनाओं का नाम बदल दिया, लेकिन सत्य यही है कि योजना का सिर्फ नाम ही नहीं बदला, उस पर काम भी किया, और करोड़ों ज़िंदगियों को उन छोटी सुविधाओं से छुआ, बेहतरी दी, जो साउथ और नॉर्थ ब्लॉक में बैठे लोगों के लिए नगण्य या इन्सिग्निफिकेंट थीं।