कोरोना वायरस को निष्क्रिय करने के लिए इस तकनीक में केमिकल की जगह पानी की बूँदों को ही आवेशित कर छिड़काव किया जा रहा है, जो कि सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद वायरस और बैक्टीरिया को निष्क्रिय करने में सक्षम है।
देश में कोरोना के मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के बीच ईसाई कार्डिनल ने मुंबई के सभी चर्च पादरियों से अपील की है कि वह कोरोना से मरने वाले लोगों के शवों को दफनाएँ नहीं बल्कि उनकी डेडबॉडी का अंतिम संस्कार कराएँ।
जमात के कार्यक्रम से हिस्सा लेकर लौटे दो भाई कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद अस्पताल में एडमिट किए गए थे। इनमें से एक की तबीयत बिगड़ने के कारण मौत हो गई। इसके बाद दूसरे भाई ने डॉक्टर एवं स्टाफ पर न केवल हमला बोल दिया, बल्कि उन पर थूक भी दिया था।
"ये ना कानून को मानेंगे, ना व्यवस्था को मानेंगे। ये मानवता के दुश्मन हैं। इन्होंने महिला स्वास्थ्यकर्मियों के साथ जो किया है वो जघन्य अपराध है। इन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया जा रहा है। हम इन्हें छोड़ेंगे नहीं।"
बेंगलुरु में कोरोना वायरस से जुड़ा डेटा कलेक्ट करने गई एक आशा कार्यकर्ता पर लोगों ने हमला कर दिया। कार्यकर्ता कृष्णावेनी का आरोप है कि एक मस्जिद से लोगों को भड़काया गया और इसके बाद उन पर हमला किया गया।
"इस संगठन को दुनिया के कट्टरपंथी और आतंकी चला रहे हैं। इसका पैसा पूरी दुनिया से इसी काम के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह संगठन नौजवान लड़कों को बताता है कि काफिरों को मारना सवाब है।"
नेपाल प्रशासन ने 18 लोगों को पकड़कर क्वारंटाइन किया। सभी निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात द्वारा आय़ोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वापस लौटे थे। इनके अन्य साथियों की तलाश में सभी जिलों को अलर्ट कर दिया गया है।
संक्रमित लोगों का आँकड़ा पिछले 3 दिनों में तेजी से बढ़ा है। संक्रमित लोगों में 295 वह हैं, जो पिछले महीने दिल्ली के निजामुद्दीन के तबलीगी जमात में शामिल हुए थे। मंगलवार से लेकर अब तक 485 संक्रमित मामलों में 60% वह लोग हैं, जो तबलीगी जमात का हिस्सा रहे थे।
56 वर्षीय एक व्यक्ति ने पिंपड़ी में ‘ग्रामसेवक’ को सूचना दी कि यहॉं के सात लोग दिल्ली गए थे। वहॉं निजामुद्दीन में जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए और हाल में गॉंव लौटे हैं। उसने इनका कोरोना वायरस टेस्ट कराने पर भी जोर दिया। इससे नाराज जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों ने उसकी पिटाई कर दी।
इस केस ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि आने वाले हफ्ते में चीन में कोरोना पर स्थिति साफ होगी। चीन के मुताबिक वहाँ बाहर से आए कोरोना वायरस के 841 मामले हैं, जबकि हुबेई प्रांत में लोकल ट्रांसमिशन का कोई केस नहीं है।