वैज्ञानिकों ने आगाह किया था कि ऐसी ही कोई बिमारी भविष्य में भी जन्म ले सकती है। 2002 के उत्तरार्ध में, एक रहस्यमयी निमोनिया जैसी बीमारी के मामले दक्षिण-पूर्वी चीन के गुआंगडोंग प्रांत में सामने आने लगे थे।
धर्म आस्था का विषय है, व्यक्तिगत विषय है। लेकिन शायद सबके लिए नहीं! कर्नाटक के बेलगाम में एक मस्जिद में गई भीड़ के लिए तो बिल्कुल भी नहीं। इस भीड़ के लिए नमाज पढ़ने से ज्यादा मस्जिद में नमाज पढ़ना जरूरी है।
मृतक महिला राबिया ने कोई विदेश की यात्रा नहीं की थी। हाँ, उसने उज्जैन में आयोजित सीएए विरोध में हिस्सा जरूर लिया था साथ ही इंदौर में एक शादी में भाग लिया था। इसके बाद उन लोगों में हड़कंप मच गया है, जिन लोगों ने...
एआईएमआईएम का विधायक खुद ही कह रहा है कि उसका फोन क्यों नहीं उठाया गया। इस घटना के बाद वीडियो वायरल से विधायक और उसके बदमाशों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की माँग को लेकर अस्पताल का समूचा स्टाफ अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गया है। हालाँकि, कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों और एमरजेंसी चिकित्सा सुविधाएँ चालू रखी गई हैं।
सत्तो वाली घाटी की मस्जिद में बड़ी संख्या में लोग नमाज के लिए इकट्ठा हुए थे। पुलिस को मस्जिद की तरफ आते देख सभी अलग- अलग गलियों में घुस गए। धारा 144 उल्लंघन करने के आरोप में मस्जिद के मौलवी अब्दुल मद सहित 20- 25 अज्ञात नमाजियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
'द हिन्दू' ने एक कार्टून पब्लिश किया, जिसमें कोरोना वायरस को हाथों में बन्दूक थामे हुए पृथ्वी ग्रह को डराते हुए बताया गया है कि इसने पूरी पृथ्वी को आतंकित किया है।
विदेश से लौट कर आने के कारण मुंबई एयरपोर्ट पर इन सभी को क्वारेंटाइन की मुहर लगाई गई थी। इसे इन्होंने मिटा दिया। जाँच-पड़ताल से बचने के लिए मुंबई से ट्रेन के जरिए लखनऊ ट्रेन पहुँचे। वहॉं से बस से पीलीभीत पहुॅंचे।
एक टिकटॉक यूजर ने टॉयलेट सीट चाटने की अपनी विडियो पोस्ट की थी। लोगों ने काफी आलोचना की, फिर भी उसे फर्क नहीं पड़ा। इस हरकत के कुछ दिन बाद वह कोरोना से पाया गया है। इसकी जानकारी भी उसने खुद विडियो के जरिए दी है।
मैनपुरी की एक मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए भीड़ इकट्ठा हो गई। पुलिस ने जब रोका तो मुस्लिम समाज के लोग आक्रोशित हो गए। अधिकारियों ने किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर हालात पर काबू पाया।
किसानों के खाते में 2000 रुपए की किश्त अप्रैल के पहले हफ्ते में डाल दी जाएगी, इससे 8.69 करोड़ किसानों को फायदा मिलेगा। मनरेगा के तहत मजदूरी 182 से बढ़ाकर 202 रुपए की गई। 3 करोड़ सीनियर सिटीजंस, विधवाओं, दिव्यांगों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर डीबीटी का फायदा मिलेगा।