खुद को देवी का रूप बताने वाली सुभद्रा यादव लॉकडाउन के बावजूद अपने घर में लोगों को इकट्ठा कर झाड़-फूँक कर रही थी। पुलिस जब मौके पर पहुॅंची तो उसने तलवार निकाल कर कार्रवाई का विरोध किया।
एक दौर में रामायण और महाभारत को लेकर लोगों में ऐसा क्रेज था कि इनमें लीड किरदार निभाने वाले एक्टर्स को देखकर लोग अगरबत्ती जलाने लगते थे, उन्हें प्रणाम करने लगते थे। जब इनका प्रसारण शुरू होता था तो लोग सारा काम-काज छोड़ टीवी के सामने बैठ जाते थे।
सऊदी से लौटी जिस महिला के कारण मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टर, उनकी पत्नी, बेटी समेत कई लोगों पर ये आफत आ बनी है, वो दिल्ली में कोरोना का 10वाँ केस है। इस महिला का भाई भी कोरोना संक्रमित है जो सीएए विरोधी प्रदर्शनों में जाता रहा है।
दो भाई। बांग्लादेश के एक ही मेडिकल कॉलेज में पढ़ते हैं। एक फ्लाइट से आता है, ट्रैवल हिस्ट्री बताता है। क्वारेंटाइन कर दिया जाता है। दूसरा, सड़क से चलता है और अपने घर पहुॅंच जाता है। मकसद, ट्रैवल हिस्ट्री छिपाना ताकि आइसोलेट न हो। ऐसे एक-दो नहीं सैकड़ों मामले घाटी में सामने आए हैं।
कोरोना संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए 21 दिनों का पूरे देश में लॉकडाउन है। इस दौरान बीजेपी ने महाभोजन अभियान की घोषणा की है। सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए कार्यकर्ता इस कैंपेन को मुकम्मल करेंगे।
उत्तर प्रदेश में पुलिस ने एक ट्वीट के द्वारा बताया कि उन्होंने व्हाट्सएप के जरिए बुजुर्ग की दवा मँगवाकर उनके घर तक पहुँचाई। इसी के साथ जरूरतमंद लोगों के घरों तक किचन से सम्बंधित खाने की वस्तुएँ भी उपलब्ध करवा रही है।
कोरोना वायरस से संक्रमितों में ऐसा ही एक नया नाम सामने आया है। यह नाम है विषाणुओं की खोज में महारत हासिल करने वाले दुनिया के शीर्ष विशेषज्ञों में शामिल डॉ. डब्ल्यू इयान लिपकिन का! विषाणु विज्ञानी डॉ. लिपकिन भी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं।
इसे चीनी वायरस कहना कोई रेसिज्म नहीं है। इसका अर्थ हुआ कि जिस जगह से ये वायरस पहली बार निकल कर आया, उस स्थान पर इसका नामकरण हो। ऊपर से जब चीन ने इसे ढकने की गलती करके दुनिया भर को परेशानी में डाला है तो फिर इसमें उन्हें क्यों दोष दिया जा रहा, जो इस वायरस के ऑरिजिनेट होने के स्थान के नाम पर इसे सम्बोधित कर रहे हैं?
"भारत में घर में रहना सबसे अच्छा है लेकिन घर में रहने के लिए लोगों को पैसे और खाने की जरूरत होगी। हमें न सिर्फ 21 दिनों के लिए सोचना और प्लान करना चाहिए बल्कि उसके अगले कुछ हफ्तों की भी योजना होनी चाहिए।"
निर्झरी सिन्हा यानी, प्रतीक सिन्हा की मम्मी ने इस तस्वीर के जरिए PM मोदी के 21 दिनों के लॉकडाउन के ऐलान का उपहास करने का प्रयास किया लेकिन दुर्भाग्यवश कुछ दिन से माँ-बेटों के षड्यंत्र को ज्यादा बल मिल नहीं पा रहा है।