बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में एक एनजीओ द्वारा संचालित शेल्टर होम में कई लड़कियों का कथित रूप से बलात्कार और यौन उत्पीड़न किया गया था और टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान की रिपोर्ट के बाद यह मामला सामने आया था। इसके बाद मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी गई थी।
साल 2017 में पहली बार कराची जाने के समय राशिद को अपनी कजन से प्यार हो गया और साल 2018 में जब दूसरी बार वो कराची गया तो उसकी मुलाकात ISI एजेंटों से हुई। जिसके बाद उसने बतौर एजेंट काम कर शुरू किया।
चलने-फिरने में असमर्थ लेकिन हत्या, बलात्कार, धर्म के नाम पर कत्लेआम और धार्मिक विरासत स्थलों को नष्ट करने का आदेश देता था यह ISIS आतंकी मुफ्ती। रेप के बाद लड़कियों-औरतों को गुलाम बनाने के लिए भी दिया था फतवा।
पत्रकार जिया उर रहमान ने प्रकाशित फ़ोटो पर कैप्शन के साथ ट्वीट किया कि कराची चिड़ियाघर का यह एक खेदजनक दृश्य है, जहाँ आने वाले आगंतुक मगरमच्छों पर पान और गुटखे की पीक थूकते हैं। इस दौरान मगरमच्छों के शरीर पर लाल रंग के धब्बे पड़ जाते हैं।
13 साल की लड़की से रेप की कोशिश। आबिद, मिंटू, महबूब, चाँद बाबू, जमील और फिरोज इस मामले में जाते हैं जेल। लेकिन जमानत पर बाहर आते हैं। आते ही क्या करते हैं? पीड़िता की माँ को सबके सामने बेरहमी से मारते हैं, इतना कि वो मर जाती हैं।
24 वर्षीय पीड़िता के घर में रात के वक्त मकान मालिक मोहम्मद कलाम 4-5 लोगों के साथ घुस आया और किराया मॉंगने लगा। किराया नहीं मिलने पर पीड़िता के पति को एक कमरे में बंद कर दिया। फिर महिला के साथ बलात्कार किया और उसके गहने छीनकर ले गए।
दिवाकर ने 2015 में मीनू से प्रेम विवाह किया था। दोनों की एक बेटी भी है। दिवाकर को मीनू के चरित्र पर शक था। इसके कारण दोनों के बीच अक्सर लड़ाई होती रहती थी। मंगलवार को बहस के बाद दिवाकर ने मीनू की हत्या कर दी।
पाँच लाख की डिमांड पूरी न होने पर महिला को तीन तलाक दे दिया। महिला ने एक महीने पहले ही बाबूपुरवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद नूरजादे सउदी अरब भाग गया। जिसके बाद देवर फैसल ने मायके में आकर धमकी देना शुरू कर दिया।
इस मामले में कुछ लोगों ने यह दावा किया कि मंदिर में होने वाले अनुष्ठान में बाधा उत्पन्न करने या उन्हें नष्ट करने के लिए ख़ून का उपयोग किया गया। वहीं, पुलिस को जाँच में पता चला कि ख़ून से लिखा गया नाम इलाक़े के एक किशोर लड़के और लड़की का था।
दिल्ली सरकार की तरफ़ से इस मामले में राहुल मेहरा जिरह कर रहे हैं। मेहरा ने अदालत में बताया कि निर्भया के गुनहगारों को 22 जनवरी की तय तारीख़ पर फाँसी नहीं दी जा सकती। उन्होंने कारण बताते हुए कहा कि......