रिटायर्ड सर्जन फिलहाल चार लड़कियों के यौन शोषण के मामले में जेल में बंद है। जॉंच के दौरान उसकी एक डायरी पुलिस को हाथ लगी। डायरी में अपने सारे कुकर्मों का उल्लेख उसने "सेक्सुअल एनकाउंटर" लिखकर किया था।
घटना के अगले ही दिन पीड़िता अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुँची थी मगर पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया। 12 दिन बीत जाने पर पीड़िता ने एक बार फिर से पुलिस से गुहार लगाई तब जाकर कहीं पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज की।
इस घटना से राज्य के दलित बेहद आक्रोशित हैं। राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने पुलिस से रिपोर्ट मॉंगी है। मृतक युवक की पत्नी ने बताया कि उसके पति के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया था।
...जब अपने बेटे की क़रतूत की ख़बर सोनू के अब्बू तैबुल को लगी तो वो हथियार के साथ उसे बचाने के लिए अपने साथ कई लोगों को लेकर घटना-स्थल पर पहुँचा। तैबुल के साथ तनवीर, बाबरस राजा, अफ़सर, मुर्तजा और दिलशाद थे, जो हथियार के ज़ोर पर सोनू को वहाँ से बचाकर ले गए।
"मुझे मदद की जरूरत है। मेरा नाम जैस्मीन सुल्तान है। मैं यूएई के शारजाह में रहती हूॅं। मेरे पति का नाम मोहम्मद खिजर उल्ला है, मेरे पति ने मुझे बहुत बुरी तरह मारा है…मुझे मदद चाहिए।"
शुरुआत में दावा किया गया था कि धमाका मस्जिद में रखे एक इन्वर्टर बैट्री के फटने से हुआ। पुलिस ने धमाके की साइट से फोरेंसिक सैम्पलों को जब जाँच के लिए भेजा तो साफ हो गया कि धमाका मस्जिद में रखे विस्फोटकों से हुआ था।
75 वर्षीय एपी चेरियन को लोहे के रॉड से मार डाला। 68 वर्षीय उनकी पत्नी लिलिकुट्टी चेरियन को हत्यारों ने कुदाल से काट डाला। हत्यारों की तलाश में लुक आउट नोटिस जारी।
इन कलाकृतियों में सदियों पुरानी मूर्तियाँ, पत्थर के खंभे, लकड़ी से बने वाहन, रथ आदि जैसी प्राचीन वस्तुएँ हैं। जिन्हें भवन के परिसर में खुली जगह पर बिन किसी खास देख-रेख के कूड़े की तरह फेंक दिया गया।
एसएचओ शशि कुमार पांडेय ने छानबीन के बाद बताया कि उसके हाथ-पैर एक साफी से पीछे की तरफ बँधे थे और दोनों आँखें फूटी हुई थीं। इसके अलावा गर्दन और जिस्म के अन्य हिस्सों में भी चोट के निशान थे।
जज संदीप जैन ने बताया कि वे अपने कार्यालय में बैठ कर कुछ जरूरी आदेश आशुलिपिक से लिखवा रहे थे। तभी 40- 50 वकील कार्यालय में घुस आए और अभद्रता करते हुए मारपीट पर उतारू हो गए।