याचिका में महात्मा गॉंधी का भी हवाला दिया गया है। कहा गया है, "गॉंधी जी कहते थे कि कोई भी फैसला लेने से पहले गरीब के बारे में सोंचे। सोंचे कि आपका फैसला कैसे उस व्यक्ति की मदद करेगा। आप ऐसा करेंगे तो आपके भ्रम दूर हो जाएँगे।"
रिव्यू पिटिशन से पहले 29 अक्टूबर 2019 को जेल प्रशासन ने सभी कानूनी रास्ते बंद हो जाने पर दोषियों को राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजने के लिए सात दिन का वक़्त दिया था। इनमें से केवल विनय शर्मा ने ही इसके लिए अर्जी दाखिल की थी।
“निर्भया कांड को लगभग 7 साल हो चुके हैं। अभी तक न्याय नहीं मिला। मुझे शर्म और बेबसी महसूस होती है। गुनहगारों को सजा उसी दिन मिलनी चाहिए जिस दिन उन्होंने देश की बेटी के आबरू को तार-तार किया था।”
पाकिस्तान से आए इन हिंदुओं को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें भारत की नागरिकता मिल जाएगी। उनकी शरणार्थी पहचान खत्म हो जाएगी। धार्मिक उन्माद के कारण इन हिंदुओं को अपना देश छोड़ना पड़ा था।
तिहाड़ जेल प्रशासन कोई रिस्क नहीं लेना चाहता, क्योंकि संसद हमले के दोषी आतंकी अफजल को फाँसी पर लटकाने से पहले भी उसके वजन की डमी को फाँसी देकर ट्रायल किया गया था। उस ट्रायल में रस्सी टूट गई थी। चूँकि इस बार मामला चार कैदियों का है, इसी वजह से...
43 लोगों की जान लील चुके हादसे से केजरीवाल सरकार ने पल्ला झाड़ लिया है। उसका कहना है कि सारी जिम्मेदारी एमसीडी की थी। उसकी अक्षमता को छिपाने के लिए केंद्र सरकार झूठे दावे कर रही है।
"मुझे वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निर्देश दिया गया है कि हमें 10 रस्सियाँ तैयार कर के रखनी हैं। मुझे ये नहीं पता कि इतनी बड़ी संख्या में फाँसी के फंदों वाली रस्सियों की माँग किस जेल ने की है? लेकिन हमलोग पूरी मेहनत से अपना काम करने में लगे हुए हैं।"
“अब्बा बहुत डर लग रहा है। फैक्ट्री में आग लग गई है। बचना मुश्किल लग रहा है। हमें बचा लो।” जवाब में पिता ने कहा, “चिंता मत करो, अल्लाह पर भरोसा रखो।” इसके बाद लाचार पिता हेलो... हेलो... बोलते रहे, लेकिन उन्हें बेटे की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
24 घंटे बाद भी आग का धुआँ ख़त्म नहीं हुआ है। वहाँ स्थित इमारतों से अब भी धुआँ निकल रहा है। पुलिस ने जाँच के लिए फैक्ट्री सील कर रखी है। सोमवार को लोगों ने तीसरी मंजिल से आग की लपटें उठते देखी, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचित किया गया।
"निगम द्वारा कोई भी लाइसेंस नहीं दिया गया है। केजरीवाल ये बताएँ कि फैक्ट्री चलाने वाला रेहान कौन है, जिसे वहाँ के विधायक का संरक्षण प्राप्त है? हम इसकी उच्च स्तरीय जाँच की माँग करते हैं।"