सभी दोषियों पर लम्बी कानूनी लड़ाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने घटना के दोषियों को फाँसी की सज़ा सुनाई थी, इसके बाद 29 अक्टूबर जेल प्रशासन ने चारों दोषियों को दया याचिका पर अर्जी देने के लिए सात दिन का वक़्त दिया था।
"औरंगज़ेब हिंदुओं का ज़बरन धर्म परिवर्तन करता था। वो लाखों हिंदुओं का क़ातिल है। उसके नाम पर सड़क करोड़ों हिंदू और सिखों की भावना के साथ खिलवाड़ है। उसका नाम सड़कों और किताबों से हटाय जाए।"
मंच पर उपस्थित नेताओं को जैसे ही ग़लती का एहसास हुआ, उन्होंने नारे को ठीक करवाया और फिर से 'प्रियंका गाँधी ज़िंदाबाद' के नारे लगवाए गए। हालाँकि, इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों के मज़ाक का विषय-वस्तु बन गया।
अदालत ने विकास सांकृत्यायन द्वारा दायर मानहानि शिक़ायत पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिया। विकास ने दावा किया था कि 'बीजेपी आईटी सेल पार्ट 2' नामक YouTube वीडियो जर्मनी में रहने वाले ध्रुव राठी ने पोस्ट किया था, उसमें कई झूठे आरोप लगाए गए थे।
2014 में रुखसाना ने राहुल से शादी की। दोनों को एक बेटी हुई - रुखसार। 2017 में राहुल की मौत हो गई। रुखसाना के घरवालों ने उसका निकाह किसी और से करवा दिया, जहाँ तलाक हुआ। इसके बाद एक और निकाह हुआ दानिश से। इसी सौतेले बाप दानिश ने...
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा ने इस खबर की जानकारी देते हुए बताया कि, राजधानी में एक बड़े आतंकी हमले को नाकाम किया गया है। साथ ही IED विस्फोटक के साथ तीन आतंकी गिरफ्तार भी किए हैं।
कल को हो सकता है कि कोई उसके समुदाय के बारे में लिख दे। इस तरह से तो सभी आपस में जाति को लेकर लड़ बैठेंगे। उन्होंने 'ये मेरा भारत नहीं' वाले गैंग पर निशाना साधते हुए कहा कि वो लोग देश तो नहीं छोड़ेंगे लेकिन यहाँ रह कर आपस में लड़ते-लड़ाते ज़रूर रहेंगे।
सोशल मीडिया पर पक्ष-विपक्ष दोनों तरफ से कई तरह के बयान सामने आ रहे हैं। इसी बीच रहमान मलिक ने HRD मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र लिखकर JNU के स्थान्तरण की ही माँग रख दी है। अपने पत्र में उन्होंने उन्होंने इसके कई कारण बताए हैं।
बीजेपी सांसद ने कहा, अनुबंध में बंधे होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो पाया। दिल्ली में पानी की गुणवत्ता को लेकर मुख्यमंत्री केजरीवाल पर साधा निशाना।
जेएनयू प्रशासन ने बताया कि अकादमिक काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल द्वारा नया अकादमिक कैलेंडर जारी कर दिया गया है। प्रशासन ने कहा कि छात्रों के प्रदर्शन की वजह से यूनिवर्सिटी के कैलेंडर में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और समय-सीमा में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।