AAP की आतिशी ने CM रहते चुनाव लड़ा। हारते-हारते जीतीं। पार्टी सत्ता से बाहर हो गई। कॉन्ग्रेस की रागिनी नायक जमानत न बचा सकीं। पार्टी का तीसरी बार खाता नहीं खुला। पर 'जश्न' ऐसा कि अब मजाक बन रहा।
बुजुर्गों के लिए घर बैठे मतदान का भी विकल्प है। केजरीवाल चाहते तो उन्हें गाड़ी से भी मतदान केंद्र लेकर जा सकते थे। पर उन्होंने बुजुर्ग-बीमार माँ-बाप को व्हीलचेयर पर बिठा 'बेचने' का विकल्प चुना।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि दिल्ली में रहने वाले 96.3% घुसपैठिए मुस्लिम हैं। इनके चलते दिल्ली के उन इलाकों की जनसांख्यिकी भी बदल गई है, जहाँ यह आकर बसे हैं।
बांग्लादेश से आए घुसपैठियों के कारण मुस्लिम आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इनसे न केवल राजधानी में भीड़भाड़ बढ़ी है बल्कि शहर के संसाधन जैसे स्वास्थ्य, सेवा और शिक्षा पर भी दबाव बढ़ा है।