'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में बड़े आर्थिक सुधारों की घोषणा करते हुए 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज से अर्थव्यवस्था में नई जान फूँकने की बात कही थी। समझें पूरा खाका।
इन तीन महीनों में अगर वो EMI या क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान नहीं करते हैं, तो उन्हें इस अवधि का ब्याज देना होगा। हालाँकि, इस वजह से उनके लोन चुकाने की अवधि तीन महीने के लिए बढ़ जाएगी। सबसे जरुरी बात यह है कि EMI पर ग्राहकों को सिर्फ तीन माह की मोहलत मिली है, ना की लोन चुकाने से माफी!
रेपो रेट 0.75 फीसदी की कटौती के साथ 4.4% हो गया है। इससे लोन की मासिक किस्तें घटेंगी। कटौती का फायदा होम, कार या अन्य तरह के लोन सहित कई तरह के ईएमआई भरने वाले करोड़ों लोगों को मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही नए लोन लेने वाले ग्राहकों को भी फायदा मिलेगा।
बुधवार (मार्च 18, 2020) की शाम 6 बजे के बाद से यस बैंक के ग्राहक सभी प्रकार की बैंकिंग सेवाओं व सुविधाओं का पूर्ववत लाभ उठा सकेंगे। बैंक के नए प्रबंध निदेशक प्रशांत कुमार ने उक्त जानकारी दी है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के जानकारी दी कि बैंक के पास नकदी की कोई कमी नहीं है।
'यस बैंक' के संस्थापक की तीनों बेटियों पर आरोप है कि उनके नाम से कई कम्पनियाँ चलती हैं, जो दूसरी कंपनियों को 'यस बैंक' से लोन दिलाने के एवज में मोटी रकम वसूलती थीं। तलाशी अभियान के बाद मिले दस्तावेजों के आधार पर राणा कपूर के ख़िलाफ़ एक और अलग मामला दर्ज...
"अपने-आप को कमतर मत आँकिए। विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। ये तब तक चलता रहेगा, जब तक दोनों उल्टी न कर दें। इंशाअल्लाह, हमारे बहुत सारे लोग जो ज़मीन पर उतरे हुए हैं और इस कोशिश में लगे हुए हैं कि एनआरसी एवं एनपीआर लागू नहीं हो, वे सफल होंगे।"
आईएमएफ ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ़ भारत ही नहीं बल्कि कई देशों में अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी है, जिसका असर ग्लोबल इकॉनमी पर पड़ रहा है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक विकास दर का धीमा होना एक साइक्लिक प्रक्रिया है।