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Fact Check

फैक्ट चेक: क्या मोहन भागवत ने राष्ट्रवाद को नाज़ीवाद और हिटलर से जोड़ा?

भाषण के शुरू में ही मोहन भागवत स्पष्ट कहते सुने जा सकते हैं कि शब्दों का अर्थ बदलता जा रहा है। इसके बाद ही उन्होंने बताया है कि राष्ट्रवाद शब्द के इस्तेमाल करने पर आपके कथन का सीधा अर्थ फासीवाद और नाजीवाद से जोड़ दिया जाता है।

फेक न्यूज वाले पत्थर-विज्ञानी गंजे ने बताई पत्थर से वॉलेट बनाने के 101 तरीके

कम बालों वाले प्राणी ने कहा, "मैंने कहा कि वॉलेट है, अब इसमें तुम हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, गूगल, एचडी, क्रोमा, फ्लैट, लीनियर, लहसुन आदि छिड़काव करते हुए हजार शब्दों का आर्टिकल लिखो और साबित करो कि वॉलेट है। और हाँ, मार्च आ रहा है, तुम्हारा इन्क्रीमेंट इसी पर निर्भर करेगा कि ये वॉलेट बन पाता है कि नहीं।"

फैक्ट चेक: पुणे ट्रेन में हुई सागर मरकड की लिंचिंग में क्या कोई मजहबी एंगल भी था?

ट्रेन में हुई सागर नामक व्यक्ति की हत्या के आरोपितों के मुस्लिम होने की खबर में कितनी सच्चाई है? क्या बुरका पहनी औरतों के साथ चल रहे पुरुषों ने ली उसकी जान? जानिए क्या है सच।

‘देश के गद्दारों को, गोली मारो सालों को’ पर झूठ फैला रहा था साकेत गोखले, दिल्ली पुलिस ने खोली पोल

साकेत ने ट्वीट कर दावा किया था कि उसे 'देश के गद्दारों को, गोली मारो सालों को' नारे के साथ रैली की अनुमति मिली है। बिना पुष्टि के कई मीडिया हाउस ने इसे हवा दी। इनमें प्रोपेगेंडा साइट द वायर से लेकर कॉन्ग्रेस मुखपत्र नेशनल हेराल्ड तक शामिल है।

स्वास्तिक पर लिबरल गैंग कर रहे गुमराह, हिंदू घृणा से भरे Alt News का फर्जी फैक्ट चेक

किसी वजह से किसी स्वास्तिक में बिंदु न हों तो इसका मतलब ये कतई नहीं है कि वो हिन्दुओं का प्रतीक चिन्ह नहीं है। यह एक बड़ी विडंबना है कि जो लोग हिन्दुओं के लिए अपने मन में घृणा रखते हैं वो बताते हैं कि कौन-सा प्रतीक हिन्दुओं का है और कौन-सा नहीं।

फैक्ट चेक: केरल को बाढ़ राहत फंड देने पर कौन कर रहा है बदले की राजनीति, India Today या केंद्र सरकार?

इंडिया टुडे ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए लिखा कि केंद्र ने केरल में बाढ़ पीड़ितों को राहत फंड देने में उन्हें राजनीतिक कारणों से नजरअंदाज किया है। इंडिया टुडे ने इस खबर को राजनीतिक रंग देते हुए केंद्र की दक्षिणपंथी भाजपा सरकार पर केरल की 'लेफ्ट' सरकार से बदले की भावना का इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए।

IND Vs AUS के वनडे मैच में काले रंग पर प्रतिबन्ध? The Hindu के पत्रकार के झूठ का Fact Check

पत्रकार देसाई ने दावा किया कि पूरे स्टेडियम में काले रंग को प्रतिबंधित कर दिया गया है। यहाँ तक कि काले रंग की टीशर्ट या टोपी पहने लोगों को भी अंदर घुसने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि काला रंग 'विरोध का प्रतीक' है, इसीलिए ऐसा किया जा रहा है।

FACT CHECK: क्या CAA के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रही है पुलिस? जानें इन तस्वीरों का सच

इन तस्वीरों में पुलिसकर्मी "नो सीएए, नो एनआरसी", "वी अपोज एनआरसी एन्ड सीएए", "मासूमों पर लाठीचार्ज अब हमसे न हो पाएगा" और "नो एनआरसी, नो कैब" लिखी तख्तियाँ लेकर धरना देते हुए दिख रहे हैं।

JNUSU कार्यकर्ता को ABVP का बता डाला… राहुल कंवल ने स्टिंग के नाम पर ऐसे किया गड़बड़झाला

राहुल कंवल के फ़र्ज़ी दावे वाली फ़ोटो का संबंध दूर-दूर तक ABVP या 'ABVP की रैली' से नहीं था। उनके खोखले दावे का सच ख़ुद राहुल कंवल द्वारा शेयर किए गए जनसत्ता के लेख से भी हो गया। इसमें विरोध-प्रदर्शन के लिए स्पष्ट तौर पर आइशी घोष और JNUSU का उल्लेख किया गया था, न कि ABVP का।

JNU में हमला कर रही नकाबपोश गुंडी ABVP कार्यकर्ता नहीं है, फैलाया जा रहा झूठ: Fact Check

क्या नकाबपोश गुंडी और शाम्भवी, दोनों एक ही हैं? सच जानने के लिए हमें दोनों तस्वीरों को बारीकी से देखना चाहिए। दोनों की शारीरिक बनावट एक-दूसरे से बिल्कुल अलग है। शर्ट का चेक पैटर्न भी अलग। जूते से लेकर कलावा तक में अंतर - लेकिन प्रोपेगेंडा फैलाना ही एकमात्र काम हो तो कोई क्या करे!

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