विषय

Health

मरकज का असर फिर भी कोरोना से बेहतर तरीके से लड़ रहा भारत: डाटा और ग्राफ से समझें गणित

भारत 'कोरोना कर्व' को 'फ्लैट' करने की तरफ़ बढ़ रहा है। अगर यह सिलसिला जारी रहा तो यह जल्द ही कुछ राहत लेकर आएगा। इसकी वजह केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा उठाए गए कदम हैं। सरकारों ने 12 मार्च के बाद ही जगह-जगह एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए थे।

‘लॉकडाउन लगाना मोदी सरकार का साहसिक फैसला, वरना तेजी से फैलती महामारी, भुगतने पड़ते गंभीर परिणाम’

"भारत में लॉकडाउन को उस समय पूरी तरह से लागू कर दिया गया था, जब भारत में बहुत कम कोरोना के मामले सामने आए थे। इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि निश्चित तौर पर यह भारत सरकार का दूरगामी फैसला था। यही कारण है कि इतनी बड़ी आबादी वाले देश में यह महामारी तेजी से नहीं फैल सकी। सरकार का यह एक साहसिक फैसला है।"

6.6 लाख लोगों के लिए 21000 कैम्प, 23 लाख को खिलाया जा रहा खाना: कोरोना पर स्वास्थ्य व गृह मंत्रालय के आँकड़े

स्वास्थ्य मंत्रालय ने निजामुद्दीन क्षेत्र में कई कोरोना मरीजों के मस्जिद में छिपे मिलने वाली घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ये फाल्ट-फाइंडिंग का समय नहीं है बल्कि जल्द से जल्द एक्शन लेने का वक़्त है।

आप देवता हैं, सभी देशों को आप जैसा प्रधानमंत्री मिले: भावुक नर्स ने फोन पर PM मोदी को सराहा

पीएम मोदी से नर्स छाया ने कहा कि वो देवता की तरह हैं और दुनिया के सभी देशों को उनके जैसा प्रधानमंत्री मिले। पीएम मोदी ने छाया को उनकी भावनाओं के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि वो जो भी कर रहे हैं, वो उनका कर्तव्य है। पीएम ने वुहान से लौटे एक कश्मीरी मेडिकल छात्र से भी बातचीत की।

3 सप्ताह की देरी, 6 गायब लोग, 350 पर कार्रवाई और इटली-अमेरिका पर आरोप: चीन का सबसे बड़ा ‘कोरोना कवर-अप’

इसे चीनी वायरस कहना कोई रेसिज्म नहीं है। इसका अर्थ हुआ कि जिस जगह से ये वायरस पहली बार निकल कर आया, उस स्थान पर इसका नामकरण हो। ऊपर से जब चीन ने इसे ढकने की गलती करके दुनिया भर को परेशानी में डाला है तो फिर इसमें उन्हें क्यों दोष दिया जा रहा, जो इस वायरस के ऑरिजिनेट होने के स्थान के नाम पर इसे सम्बोधित कर रहे हैं?

WHO ने की भारत की तारीफ, कहा- ‘कोरोना को रोकना अब आपके हाथ में, पहले भी ऐसे दुश्‍मनों को हराया’

“चीन की तरह भारत बहुत बड़ी जनसंख्या वाला देश है। कोरोना वायरस के दूरगामी परिणाम इस बात पर निर्भर करेंगे कि बड़ी जनसंख्या वाले देश इसे लेकर क्या कदम उठाते हैं। यह बहुत जरूरी है कि भारत जन स्वास्थ्य के स्तर पर आक्रामक फैसले लेना जारी रखे।”

भारत में इस दवा से होगा कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज: मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने दिया प्रस्ताव

एनटीएफ ने कहा है कि 'हाई रिस्क' वाले मामलों में इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए। हालाँकि, ध्यान देने वाली बात ये है कि बिना डॉक्टर की सलाह के इस दवा को लेने से मना किया गया है।

बार-बार नहाने से लेकर बाहर का न खाने तक: डॉक्टर से जानिए कोरोना वायरस से जुड़े उन 9 सवालों के जवाब जो आपके मन...

"साफ़-सफाई ज़रूरी है लेकिन इसे लेकर साइको बनना ज़रूरी नहीं है। लोगों को डराएँ नहीं। सबसे ज़्यादा आवश्यक है सही तरीके से हाथ धोना।"

सिर्फ लॉकडाउन से नहीं हारेगा कोरोना, हर रोगी को खोजने पर फोकस करना होगा: WHO इमरजेंसी एक्सपर्ट

"लॉकडाउन के साथ यह खतरा है कि अगर हम मजबूत जन स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु जरूरी कदमों को प्रभाव में नहीं लाते हैं तो आवागमन आदि गतिविधियों पर लगी रोक और लॉकडाउन खत्म होते ही, इस वायरस के वापस लौटने की आशंका बनी रहेगी।"

दवा के लिए चीन पर निर्भरता खत्म, ₹14000 करोड़ की घोषणा: कोरोना से निपटने के लिए मोदी सरकार का फैसला

कोरोना जैसी महामारी के बीच सरकार ने फार्मास्युटिकल घटकों के लिए चीन पर चली आ रही निर्भरता को ख़त्म करने के उद्देश्य से देश में बड़े पैमाने पर दवा निर्माण की मदद के लिए 14 हजार करोड़ रुपए निवेश की घोषणा की है।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें