इस मामले में फारूकी के वकील की ओर से दलील दी गई है कि एफआईआर में स्टैंड अप कॉमेडियन के खिलाफ लगाए गए आरोप सरासर 'अस्पष्ट' हैं और उसके खिलाफ राजनीतिक दबाव में मामला दर्ज किया गया।
आप किसी साधु की तस्वीर डालते हैं। ट्विटर-फेसबुक उसे कट्टर बताते हुए सेंसर कर दें। आप वेद-पुराणों से उद्धरण डालते हैं। उन्हें अन्धविश्वास की केटेगरी में रख दिया जाए। खुश मत होइए, भारत में ये दिन जल्द ही देखने को मिल सकता है।