लिबरलों द्वारा शार्ली एब्दो के कार्टूनिस्टों की हत्या, तत्पश्चात् सैमुअल पेटी की गर्दन काटने को मुनव्वर फारूकी की गिरफ्तारी के समानांतर रखना, बताता है कि इनके तर्क कितने वाहियात हैं जहाँ कुछ बोलने के लिए किसी राष्ट्र के कानून के खिलाफ जा कर हत्या और कुछ बोलने पर राष्ट्र के कानून के आलोक में की गई गिरफ्तारी बराबर बात है।
चीन, टिकटॉक, तनिष्क, मिर्जापुर 2, सड़क 2, नेटफ्लिक्स जैसे कई नाम जिनका 2020 में हुआ जम कर बहिष्कार। कई समूहों, संस्थाओं, फिल्मों और चेहरों ने इस शब्द की भरपूर मार झेली।
दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले कार्टून शो - ‘शेख चिल्ली एंड फ्रेंड्स’ ने योग की परम्परा का मजाक बनाकर और हिन्दू संतों का अपमान करके नया विवाद खड़ा कर दिया।