रानी गाइदिन्ल्यू जिस हेराका आन्दोलन को चलाती रही, वो मुख्यतः अपनी सभ्यता-संस्कृति बचाने के लिए ही था। उन्हें बैप्टिस्ट ईसाइयों का हिंसक विरोध झेलना पड़ा।
"मैं बहुत सालों से सिस्टम में ईमानदारी से काम कर रहा हूँ लेकिन वेतन नहीं बढ़ रही इसे बढ़ाया जाए। चेयरमैन ने लिखा कि आप कौन हो, पद क्या है। जवाब मिला कि मैं सरकार में मुख्य सचिव के कार्यालय में CCA के पद पर बैठा हूँ।"
असलियत में मुगल इस देश में धर्मान्तरण, लूट-खसोट और अय्याशी ही करते रहे परन्तु नेहरू के आदेश पर हमारे इतिहासकारों नें इन्हें जबरदस्ती महान बनाया और ये सब हुआ झूठी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर।
RSS से जुड़े संगठन ने स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल राष्ट्रनायकों से जुड़े 'गैर ऐतिहासिक' तथ्यों की समीक्षा करने की बात रखते हुए NCERT में सुधारों की बात रखी।