बुधवार को पाकिस्तान ने कश्मीर में एलओसी (LOC) पर भारतीय सैनिकों पर सीज़फायर (संघर्ष विराम) के उलंघन का आरोप लगाया है। इसके संबंध में पाकिस्तान ने एक वरिष्ठ भारतीय राजनयिक को तलब भी किया है।
"भारत और पाकिस्तान के साथ बिगड़ते रिश्तों के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ज़िम्मेदार हैं और जब तक भारत में मोदी की सरकार रहेगी, तब तक भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट सिरीज़ होना असंभव सी बात है।"
“उन सभी पाकिस्तानी आवेदकों के वीजा आवेदनों को स्वीकार किया जाता है, जिनमें हिंदू समुदाय के लोग अपने परिवार के सदस्यों का अंतिम संस्कार करने के लिए हरिद्वार जाना चाहते हैं। मगर इसके लिए आवेदक को उस व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र दिखाना होगा, जिसकी अस्थियों को विसर्जित किया जाना है।”
“मुझे खुशी है कि भारत का बँटवारा हुआ क्योंकि अगर भारत का बँटवारा नहीं होता तो हमें कई 'डायरेक्ट एक्शन डेज' देखने पड़ते। ऐसी पहली कार्रवाई हमने जिन्ना के जीवित रहते 16 अगस्त 1946 को देखी थी, उस समय कलकत्ता में हजारों हिंदुओं को मार दिया गया था।"
"हम पाकिस्तान में सुरक्षित नहीं महसूस करते। हमारी लड़कियों को हमेशा डर लगा रहता है कि कोई कट्टरपंथी उनका अपहरण कर लेगा। पुलिस मूक दर्शक बनी देखती रहती है। हमारी लड़कियाँ आजादी से चल भी नहीं सकती हैं।"
रवीश कुमार ने कहा कि चीन को वैश्विक आम सहमति के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए और भविष्य में इस तरह की कार्रवाई से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक आम सहमति है कि कश्मीर द्विपक्षीय मुद्दा है।
भारत से व्यापार प्रतिबंध के चलते पाकिस्तान ने चाइना से माल लेने का फैसला किया। मगर, वहाँ के मार्कर्स की घटिया क्वालिटी देखते हुए उसे भारत की मदद लेनी पड़ी।
अगस्त से अक्टूबर तक पाकिस्तान ने सीमा पार से 950 बार सीजफायर उल्लंघन की वारदातों को अंजाम दिया है। सेनाध्यक्ष रावत ने कहा कि पाकिस्तान ख़ुद की हरकतों की वजह से लगातार अनियंत्रित होता जा रहा है।
राम मंदिर आंदोलन के दौरान विहिप ने कारसेवा का प्रयोग किया था और इसने जनांदोलन का रूप ले लिया था। देश भर से लाखों श्रद्धालु कारसेवा करने के लिए अयोध्या पहुँचे थे।