भारत सरकार की ओर से निविदा रद्द किए जाने का कदम चीन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है क्योेंकि 44 हाई स्पीड ट्रेन की आपूर्ति के लिए 6 दावेदारों में चीनी संयुक्त उद्यम सीआरआरसी पॉयनियर इलेक्ट्रिक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड अकेली विदेशी बोलीदाता के रूप में उभरी थी।
राजस्व और लाभ के बीच अंतर कर पाने में असमर्थ राहुल गाँधी ने जनता को गुमराह करने के लिए दावा किया कि मोदी सरकार ने आपदा के दौरान श्रमिक ट्रेन सेवाओं से लाभ कमाया है।
इस बार इंडियन रेलवे ने ट्रेन की पटरियों पर 2.8 किलोमीटर लंबे शेषनाग को उतारकर एक विशेष कीर्तिमान को अपने नाम कर लिया है। इससे पहले रेलवे ने 2 किलोमीटर लंबे एनाकोंडा को पटरियों पर उतारा था।
भारतीय रेल में निजीकरण के फैसले ने लोगों के मन में कई तरह के सवालों को जन्म देना शुरू कर दिया है। इसीलिए जरूरी है कि सरकार के इस फैसले के पीछे निहित उद्देश्य को लेकर लोगों को स्पष्ट किया जाए।