अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी की लोकप्रियता और कार्यक्रम की सफलता महबूबा के गले नहीं उतर रही है। वे भी इस कार्यक्रम पर तीखी टिप्पणी से बाज नहीं आईं।
सोने के इस नए दरवाजे के एक पल्ले पर माता लक्ष्मी और दूसरे पर आरती उकेरी गई है। दरवाजे के ऊपरी हिस्से में देवी दुर्गा, भगवान गणेश और हनुमान के साथ ही अन्य देवी-देवता भी होंगे।
पिछले एक महीने में घाटी में कई आतंकी मारे गए हैं। उनके मददगार रहे दो दर्जन से अधिक स्थानीय लोगों को गिरफ्तार किया गया है।। कठुआ से गिरफ्तार आतंकियों से मिले सुराग के आधार पर जैश के ओवर ग्राउंड कार्यकर्ताओं को पकड़ा गया।
यूनिवर्सिटी ऑफ जेनेवा के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, इसे लेकर किसी तरह के कोई किंतु, परंतु का सवाल ही नहीं है।
आजादी, ऑटोनमी और सेल्फ रूल का नारा देने वालों के सुर बदलने लगे हैं। अब न सिर्फ वे कहने लगे हैं कि हमें रिहा कर दो बल्कि सरकारी बॉन्ड भरकर यह भी लिखित में देने लगे हैं कि रिहाई के बाद न तो वो आजादी वाला नारा लगाएँगे और न ही ऐसा कोई काम करेंगे, जिससे माहौल बिगड़े।
"चूँकि अर्थव्यवस्था मंदी की स्थिति में थी, इसलिए सरकार ने लोगों को इस मुद्दे से भटकाने के लिए ये कदम उठाया। सरकार को यह दिखाना था कि उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल में 100 दिन के अंदर अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया।"
"छह महीने के भीतर अनुच्छेद-370 पर केंद्र सरकार के फैसले के समर्थन में जम्मू-कश्मीर के लोग आगे आएँगे। पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) वापस लेना अगला लक्ष्य है। हालाँकि इसे सैन्य आक्रामकता के ज़रिए हासिल नहीं किया जाएगा।"
1. लोग उच्च न्यायालय तक अपनी शिकायत नहीं पहुँचा पा रहे हैं। 2. आर्टिकल 370 हटाने के बाद नाबालिगों को हिरासत में रखा जा रहा है। - इन दोनों आरोपों से संबंधित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट से रिपोर्ट मिल गई है। और इस रिपोर्ट के आधार पर...
फारुक अब्दुल्ला पर आरोप है कि वो अपने भाषणों के ज़रिए अलगाववादी नेताओं और आतंकवादियों का महिमा मंडन कर रहे थे। इसके अलावा उन पर आरोप है कि वो अनुच्छेद-370 और 35-A के नाम पर लोगों को देश के ख़िलाफ़ भड़का...
UNHRC ने पर्याप्त संख्या (16) में सदस्यों का समर्थन प्राप्त न कर पाने के चलते पाकिस्तान की जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन का प्रस्ताव लाने की कोशिशों को ख़ारिज कर दिया है। हिंदुस्तान की यह बड़ी कूटनीतिक जीत है।