न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने विज्ञापन में लिखा कि कश्मीर में अब तक सुरक्षाबलों के हाथों 60000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दस लाख से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। पत्रकारिता की खातिर न्यूयॉर्क टाइम्स को ये बताना चाहिए कि आखिर जो आँकड़े छापे हैं, वो कहाँ से आए?
घुसपैठ की यह घटना जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से कुछ ही दिन पहले की है। 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर से 370 निष्क्रिय करके जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने का निर्णय लिया गया था।
इम्तियाज हुसैन ने कश्मीर में हालात खराब होने के दावे को नकारते हुए ये वीडियो पोस्ट किया और लिखा कि प्रोपेगेंडा फैलाने वालों के दिमाग के अलावा कहीं कोई बंद या प्रतिबंध नहीं है।
इनमें से एक इम्तियाज अहमद है, जिसको पाकिस्तान से लगातार निर्देश मिल रहे थे। पाकिस्तान से आशिक मीर नाम का शख्स लगातार इम्तियाज के संपर्क में था और निर्देश दे रहा था। अजित डोभाल के कश्मीर से जाने के एक दिन बाद ही सुरक्षा कर्मियों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।
खुफिया एजेंसियों से सूचना मिली है कि नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की तरफ से 450 से 500 आतंकवादी राज्य में घुसने के लिए घात लगाए बैठे हैं। पाकिस्तान कश्मीर में अशांति फैलाने की लगातार कोशिश कर रहा है। जिसे देखते हुए डोभाल ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट रहने और काउंटर इंफिल्ट्रेशन ग्रिड को मजबूत रखने का आदेश दिया।
सुमैरा फारूख, एक बिजनेसवुमैन होने के साथ ही एक पत्रकार भी हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पूरी तरह से एकीकृत करने के भारत के फैसले के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय को एक बात सच-सच बताना है कि इसका केवल एक ही समाधान है, और वो है जिहाद। कोई विरोध नहीं, कुछ भी नहीं, बस जिहाद।
फर्स्ट इंडिया ने पत्र में लिखा है कि कश्मीर के लोगों को पाकिस्तान के नापाक मंसूबे को समझना चाहिए और उन्होंने हर कश्मीरी से अपील की है कि वो देश के तिरंगे को राष्ट्रवादी भावना के साथ ऊपर उठाएँ, क्योंकि देश के हर हिस्से में हर कश्मीरी का खुले हाथों से स्वागत किया गया है।
"ये एक पुरानी तस्वीर है। और एक कवि की कुछ पंक्तियों का यहाँ इस्तेमाल प्रोपगेंडा फैलाने के लिहाज से हुआ है। तस्वीर में दिख रहे अधिकारी उन नाबालिग बच्चों की कॉउंसलिंग कर रहे हैं, जो साल 2010 में पत्थरबाजी में शामिल थे।"
"घाटी में पिछले 20 सालों से कोई सिनेमा नहीं खुला हुआ है, इसलिए हम एक सिनेमा खोलने की भी सोच रहे हैं। हम उन स्कूलों, सिनेमाघरों और मंदिरों का सर्वेक्षण करवाएँगे जिन्हें बंद कर दिया गया है।"
जम्मू क्षेत्र के आई जी मुकेश सिंह ने बताया, “पिछले एक साल में किश्तवाड़ में 4 आतंकी घटनाएँ हुईं। किश्तवाड़ पुलिस की लगातार कोशिश, सीआरपीएफ, सेना और NIA टीम की मदद से हमने ये चारो केस सुलझा लिए हैं।”