जम्मू-कश्मीर पर विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान केन्द्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा अनुच्छेद 370 के निरस्त हो जाने के बाद से एक गोली भी नहीं चलाई गई। केंद्र ने बताया कि प्रदेश के 88 प्रतिशत से अधिक थाना क्षेत्रों से प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। फिलहाल, कुछ स्थानीय प्रतिबंध लगे हैं।
इंग्लैंड में इंडो-यूरोपियन कश्मीर फोरम और हिंदू काउंसिल यूके ने बर्मिंघम के विक्टोरिया स्क्वायर में अनुच्छेद 370 और 35A को निरस्त किए जाने का समर्थन किया है। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भी प्रदर्शन किया गया।
भारतीय राजनयिक हर्षवर्धन श्रृंगला ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह एक अराजकतावादी प्रावधान था, जिससे अर्थव्यवस्था का दम घुट रहा था और पाकिस्तानी आतंकवाद को बढ़ावा मिल रहा था।
फारूक खान ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि एक महीने से अधिक समय बीत गया, लेकिन सुरक्षा बलों तथा पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए एक भी गोली नहीं चलाई गई।
"वॉशिंगटन पोस्ट की पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग में इस सच को नजरअंदाज किया गया कि अनुच्छेद 370 और 35ए के कारण अल्पसंख्यक, महिलाएँ और समाज के कमजोर वर्ग के लोग लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रहे जबकि कश्मीर भ्रष्टाचार, अलगावववाद की जमीन बन गई।"
सेना के अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल में लाया गया था। डॉक्टरों के प्रयास से बच्ची खतरे से बाहर है और अगले 72 घंटों के बाद उसे हास्पिटल से छुट्टी दे दी जाएगी।
शेहला ने भारतीय सेना पर रात में कश्मीर के लोगों के घरों में घुसने, गैर-कानूनी रूप से लड़कों को उठाने, घरों में छानबीन करने, चावलों में तेल मिलाने, शोपियाँ में कश्मीरी लड़कों को बंधक बनाकर दहशत फैलाने जैसे कई आरोप लगाए थे।
अगर एक अंतरराष्ट्रीय संस्था के लिए श्रीलंका की सरकार और लिट्टे समान हैं, इस्लामी देशों में महिलाओं को दोयम दर्जे के अधिकारों का मिलना सही लगता है, नेटिव अमेरिकन महिलाओं का रेप स्वैच्छिक सेक्स लगता है, भारत में जिहादी आतंकियों का पलड़ा भारी है, तो समस्या बहुत बड़ी है।