नई दिल्ली स्टेडियम में 50,000 लोगों ने 'चाचा नेहरू' के नारे के बीच जन्मदिन का जश्न मनाया। जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में ही इसे 'बाल दिवस' घोषित किया गया।
सरदार पटेल के निधन के बाद पीएम नेहरू ने राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद को उनके अंतिम संस्कार में जाने से मना किया था। वो सरदार पटेल को सिर्फ एक साधारण मंत्री समझते थे।
नेहरू ने अपनी आत्मकथा में भी नाभा की 'प्रताड़ना' का जिक्र किया है - कमरे की ऊँचाई कम थी, वहाँ एक चूहा था, जमीन पर सोना होता था और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था नहीं थी।