जमात के इज्तिमा में शामिल लोगों की देशभर में तलाश की जा रही है। झारखंड में इनमें से एक नाम मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के बेटे तनवीर का भी है। लेकिन, हैरानी की बात यह है कि मंत्री पर इस बात को छिपाने के आरोप लग रहे हैं। हालॉंकि उनका पूरा परिवार होम क्वारंटाइन में चला गया है।
पूछताछ में सभी विदेशी नागरिकों ने बताया है कि वो सभी तबलीग जमात के लिए राँची आए थे। कुछ लोगों ने इसकी सूचना डीसी को दी, जिसके बाद उन्हें शिकंजे में लिया गया। इन सभी को हिरासत में लेकर क्वारंटाइन किया गया है। साथ ही एक मेडिकल टीम ने इन सबकी जाँच भी की है।
कोरोना के प्रकोप को देखते हुए 18 मार्च को ही छुट्टी कर दी गई थी। बावजूद इसके छात्राओं को जाने नहीं दिया गया। एक बच्ची ने जब अपने परिजनों को इस संबंध में सूचना दी तब पुलिस ने कार्रवाई कर उन्हें मुक्त कराया।
चीनियों के अलावा 4-4 मौलवी किर्गिस्तान और कजाकिस्तान से हैं। इन्होंने बताया है कि ये करीब एक महीने से भारत में हैं और कई मस्जिदों में पनाह ले चुके हैं। जहॉं से इन्हें पकड़ा गया उस मस्जिद में ये बीते पॉंच दिन से ठहरे थे।
मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, और छत्तीसगढ़ के बाद अब झारखंड के कॉन्ग्रेसी विधायकों में असंतोष की खबर सामने आ रही है। इससे झारखंड में राज्यसभा की चुनाव रोचक हो गया है। प्रथम वरीयता के दो वोट सहयोगी दल को देकर जेएमएम भी किरकिरी से बचना चाहती है।
गाँव के लोग मोहम्मद सरफराज को पुलिस के हवाले करने के बजाए पंचायत ले गए। पंचायत का फैसला आश्चर्यजनक रहा। फैसले के अनुसार, सरफराज को टकला करके जूते-चप्पल की माला पहनाकर गाँव में घुमाया गया और फिर छोड़ दिया गया। पीड़िता के पिता केस करना चाह रहे थे, लेकिन कुछ लोगों ने मना कर दिया।
पीड़िता छठी में पढ़ती है। उसके पिता की मौत हो चुकी है और अपने मामा के घर रहती है। दो मार्च को समीर खान व समी खान ने उसे जबर्दस्ती पकड़ लिया और दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद से ही दोनों फरार हैं।
नीरज प्रजापति की एक 9 साल की बेटी है और 3 वर्ष का बेटा है, जिनकी शिक्षा-दीक्षा और भरण-पोषण हेतु लोगों द्वारा सहयोग स्वरूप दी गई राशि का अहम योगदान होगा। पीड़ित परिवार ने जनता के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया है। ऑपइंडिया भी आप सभी का धन्यवाद करता है।
आरोपित मौलाना तीन बच्चों का बाप है। वह अपने घर में ही मदरसा चलाता था। मामले को दबाने के लिए उसने बच्ची का जबरन गर्भपात करवाया। उसके परिजनों से सौदा करने की कोशिश की।
राँची में आयोजित विशाल कार्यक्रम में पूर्व सीएम की हुई घर वापसी। बकौल शाह, 2014 में बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद भी उन्होंने मरांडी को पार्टी में लाने का प्रयास किया था।