जहाँ संविधान को गाली दी गई, वहाँ की हाथों में तिरंगा लिए लोगों की तस्वीरें वायरल की गईं। जहाँ हिन्दू धर्म का अपमान हुआ, वहाँ कश्मीरी पंडितों के लिए झूठा शोक मनाया गया।
प्रिंट के इस खबर को लिखने का तरीका देखिए, इसकी हेडलाइन पढ़िए और सोचिए एक 26 साल के हिंदू लड़के की हत्या पर ऐसे वामपंथी-लिबरल गिरोह की संवेदनाएँ कहाँ हैं?
खालिस्तानी संगठन ने इन कार्यकर्ताओं के समर्थन में एक वेबसाइट बनाई है। उसका मानना है कि इन कार्यकर्ताओं पर देशद्रोह का चार्ज लगाकर इनसे इनका प्रोटेस्ट का अधिकार छीना गया है।