मुख्यमंत्री ख़ुद स्थिति पर पैनी नज़र रख रहे हैं। उन्होंने पुलिस से कहा है कि उपद्रवियों को चिह्नित कर उनपर कड़ी कार्रवाई करें। सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार उपद्रवियों की संपत्ति नीलाम कर वसूली करेगी। अफवाह फैलाने वालों पर भी निगरानी रखने के आदेश जारी किए गए हैं।
भारत में 2 लाख से अधिक श्रीलंकाई तमिल, तिब्बती और 15,000 से अधिक अफगानी, 20-25 हजार रोहिंग्या भारत में रह रहे हैं। यह उम्मीद की जाती है कि किसी दिन जब वहाँ की स्थिति में सुधार होगा तो यह शरणार्थी अपने घर वापस लौट जाएँगे। लेकिन, पाक में स्थिति सुधरेगी क्या?
पर्यावरण एक्टिविस्ट मेधा पाटेकर भी विरोध करने पहुँचीं, लेकिन पाक से आए हिन्दू शरणार्थियों ने उन्हें खदेड़ दिया। शरणार्थियों ने मेधा पाटेकर को खदेड़ते हुए कहा कि जो लोग CAA का विरोध कर रहे हैं, वो पाकिस्तान में रह कर दिखाएँ।
11 मिनट 41 सेकंड का ऑडियो। यह ऑडियो सिर्फ दो मुस्लिम व्यक्तियों के बीच बातचीत भर का ऑडियो नहीं है। यह इंटेलिजेंस एजेंसी के सूत्रों से मिला ऑडियो है। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की आड़ में केंद्र सरकार को अस्थिर करने के लिए इस साजिश की प्लानिंग लंबे समय से की गई है। इसकी पूरी फंडिंग ISIS के द्वारा हुई है।
स्वराज्य अभियान और प्रशांत भूषण दंगाईयों को क़ानूनी मदद उपलब्ध कराते हैं। नागरिकता क़ानून के नाम पर देश में अराजकता फैलाने के लिए इन विरोध प्रदर्शनों को और जारी रखना स्वराज्य अभियान और प्रशांत भूषण जैसे लोगों का कुचक्र है। पढ़ें व्हाट्सप्प चैट।
कॉन्ग्रेस को आइना दिखाने के मक़सद से बीजेपी एक ऐसे वीडियो को सामने लाई है, जिसमें ख़ुद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बांग्लादेश में धार्मिक आधार पर हिंसा के शिकार हुए शरणार्थियों के लिए सरकार को सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाने का सुझाव देते नज़र आ रहे हैं।
'हिंदू हृदय सम्राट' बाल ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र में सरकार बना चुके हैं। तीन पहियों वाली कभी भी पलटने वाली सरकार। अब CAA पर एक बार फिर से शिवसेना ने पलटी मारी है। वो भी कॉन्ग्रेस और UPA को आँख दिखाती हुई पलटी।
हसीना बेन मूलरूप से भारत की ही रहने वाली थीं, लेकिन 1999 में निक़ाह हो जाने के बाद वो पाकिस्तान चली गईं थी। पाकिस्तान में उनके शौहर की मृत्यु हो जाने पर उन्होंने भारत वापस आने का फ़ैसला किया। दो साल पहले ही उन्होंने भारत की नागरिकता के लिए आवेदन किया था, जिसे...
"अमरजीत सिंह मांदर बजाएँ, मैं नाचूँगी। अपनी परंपरा और संस्कृति के बढ़ावे के लिए नृत्य करने से मैं छोटी नहीं हो जाऊँगी। अपनी संस्कृति को प्रसारित करने के लिए कई लोग नाचते हैं, तो उसमें बुरा क्या है?"