मुजफ्फरपुर व वैशाली के विभिन्न अस्पतालों में इस बीमारी से एक दिन के भीतर 25 बच्चों के मरने की ख़बर के बाद क्षेत्र में हाहाकार मच गया है। पिछले एक सप्ताह में 56 बच्चों की मौत हुई है। 2012 में इस बीमारी से 120 बच्चों की मौत हो गई थी।
लोकसभा चुनाव में मृतक समतुल डोलोई ने अपने बूथ पर भाजपा उम्मीदवार को बढ़त दिलाई थी। डोलोई के एक रिश्तेदार ने कहा कि मृतक ने एक कार्यक्रम के दौरान कई बार 'जय श्री राम' का नारा लगाया था। इससे कार्यक्रम में शामिल तृणमूल के कुछ सक्रिय कार्यकर्ता काफ़ी नाराज़ हो गए और...
ये सभी अधिकारीगण इनकम टैक्स विभाग में चीफ कमिश्नर, प्रिंसिपल कमिश्नर्स और कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जैसे महत्वपूर्ण और बड़े पदों पर तैनात थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन अधिकारियों में से कई पर भ्रष्टाचार, बेहिसाब संपत्ति का अर्जन और यौन शोषण जैसे आरोप लगे हुए थे।
'द इकनोमिक टाइम्स' की पत्रकार ने हिन्दू रीति-रिवाजों का अपमान करने की बात कही है। पत्रकार ने कहा कि हिन्दू रीति-रिवाजों का अपमान करना 'अभिव्यक्ति की आज़ादी' के अंतर्गत आता है। उन्होंने लिखा कि पेरियार की भूमि पर यह सब मान्य है।
राणा अय्यूब जैसे लोग हों या फिर स्क्रॉल जैसे मीडिया गिरोह, अलीगढ़ काण्ड में अपराधियों के नाम असलम और जाहिद होने के कारण उन सबका रोना यही है कि अपराध को साम्प्रदायिक रंग दिया जा रहा है। उन्हें समझना होगा कि यह सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जा रहा है, बल्कि जो जहर उन लोगों ने बोया था, ये उसी के रुझान देखने को मिल रहे हैं।
"राजाराज चोल के काल में सैकड़ों लड़कियों को वेश्यावृत्ति में ढकेल दिया गया। उनका शासनकाल अन्धकार का युग था। अगर हिन्दू गाय की पूजा करते हैं तो मैं उनके भगवान को खाने वाला व्यक्ति हूँ। सभी मठों की ज़मीनें छीन कर दलितों को दे देना चाहिए।"
स्व-घोषित फ़ैक्ट-चेकर वेबसाइट AltNews के सह-संस्थापक, जिसने हाल ही में अलीगढ़ में तीन साल की टीना (बदला हुआ नाम) की हत्या और संभावित बलात्कार के एक प्रमुख आरोपित असलम के अपराधों पर पर्दा डाला था, उसने ऑपइंडिया की रिपोर्ट को ख़ारिज और बदनाम करने का काम किया।
"अगर किसी वयस्क व्यक्ति के पास अपनी कोई तस्वीर है जो अश्लील है तो 1986 के अधिनियम 60 के प्रावधान तब तक उस पर लागू नहीं होंगे, जब तक उसे किसी अन्य उद्देश्य या विज्ञापन के लिए वितरित या प्रकाशित न किया जाए।"
"मुझे हमारी मीडिया से कोई आशा नहीं है। वो इन सारी घटनाओं को नहीं दिखाएगी। ऐसा इसीलिए, क्योंकि उन्हें ऊपर से आदेश है एक समुदाय विशेष को बुरे परिप्रेक्ष्य में दिखाने का।"
विश्व में यह अपनी तरह का पहला और एकमात्र मंदिर है जो कि ग्रेनाइट का बना हुआ है। यह अपनी भव्यता, वास्तुशिल्प और केन्द्रीय गुम्बद से लोगों को आकर्षित करता है। इस मंदिर को यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया है।