अजमेर सेक्स स्कैंडल पर सीरिज छापने वाले पत्रकार मदन सिंह की अस्पताल में घुसकर हत्या की गई थी। इसी साल उनके बेटों ने हत्या के आरोपितों में से एक को ढेर कर दिया था।
अहमदाबाद में, मुस्लिमों ने छह वाहनों को आग लगा दी थी और एक थिएटर को भी जला दिया था। भोपाल बाबरी दंगों की पुनरावृत्ति के कगार पर था। फिल्म का इसका भारत के मुस्लिमों से कोई लेना देना नहीं था, फिर भी...
"औरंगजेब ने ब्राह्मण लड़की को सज-धज कर बुलाने वाले मुस्लिम सेनापति को चीरवा दिया और न्याय किया।" - इस कहानी की आड़ में क्या छिपाया जा रहा है, वो जान लीजिए।