लखीमपुर खीरी मामले में प्रियंका गाँधी जहाँ मृतकों के परिजनों से मिलने गई थीं, वहीं उनके पीछे बैठे 'चन्नी' उनके भीड़ द्वारा किए गए अभिवादन को अच्छा साइन बता रहे थे।
श्याम के गले और चेहरे पर इस तरह वार हुए थे कि उनकी वहीं मौत हो गई। बाद में उनकी लाश खेत में फेंकी गई और फिर शाम को पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पैंडोरा पेपर्स से एक बार फिर यह प्रश्न उठता है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काले धन के पैदा होने और इस्तेमाल को रोकने के प्रति गंभीर दिखने वाले देश क्या सचमुच गंभीर हैं?