“यह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपने भाईचारे को कायम रखने के लिए इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़े कि लगातार बेटियाँ अगवा हो रही हैं, लगातार उनका जबरन निकाह हो रहा है, धर्म परिवर्तन हो रहा है।"
माँ लक्ष्मी गुप्ता ने फैसला किया है कि अब वह आईएफडी (इस्लामिक फेडरेशन आफ डेफ) की साजिश के खिलाफ लड़ेंगी और ऐसे वीडियो तैयार करेंगी, जिससे बच्चों को धर्मांतरण का शिकार होने से बचाया जा सके।
एक बलिदानी पुलिसकर्मी के परिवार को दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर करने वाली दिल्ली सरकार क्या कोरोना काल में भी मजहब देख कर मदद करती है? अगर मुआवजा देना ही नहीं था तो झूठा वादा कर के परिवार को उम्मीद ही क्यों दी गई?
ऋचा भी ज्योतिका की तरह उच्च-शिक्षित थी। दोनों प्रयागराज की हैं और दिल्ली में उनका धर्म-परिवर्तन हुआ, ऐसे में पता लगाया जा रहा है कि दोनों के बीच कॉमन लिंक क्या है।
ऐसे में भारत विरोधी लेखिका द्वारा लिखी गई किताब का सरकार द्वारा समर्थन करना सोशल मीडिया यूजर्स को रास नहीं आया। उन्होंने इसको लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की और अपना आक्रोश व्यक्त किया।