विषय

Liberal

दिल्ली दंगों की किताब रद्द करवाने के दबाव के बाद वामपंथी, लिबरल गिरोह ने पशु हिंसा पर अपनी राय व्यक्त करने वाले लेखक को...

लिबरल, संप्रदाय विशेष और वामपंथी गिरोहों ने पशु हिंसा पर अपनी राय व्यक्त करने वाले ब्लूम्सबरी से जुड़े एक लेखक को निशाना बनाया है।

‘फेसबुक अविश्वसनीय फैक्ट चेकर्स के भरोसे कैसे बैठ सकता है’: रविशंकर ने जुकरबर्ग को पत्र लिखकर संस्थान के पूर्वग्रहों पर लगाई फटकार

रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि फेसबुक इंडिया टीम में कई वरिष्ठ अधिकारी एक विशेष राजनीतिक विचारधारा के समर्थक हैं और फेसबुक के संगठन में सत्ता संघर्ष चल रहा है।

प्रशांत भूषण के नहले पर सुप्रीम कोर्ट का दहला: कथित गाँधीवादी घेराबंदी बनाम ₹1 की इज्ज़त

यह फैसला देकर जजों ने अपनी सूझबूझ का परिचय तो दिया ही है, साथ ही किसी भी लोकतंत्र में नकारात्मक प्रेशर-ग्रुप्स को भी एक शानदार मैसेज दिया है कि वे कोर्ट को कोई हलवा न समझें।

ब्लूम्सबरी पर दिल्ली दंगों वाली किताब का मैनुस्क्रिप्ट लीक करने का आरोप, वामपंथियों के दबाव में रद्द कर दिया था प्रकाशन

दिल्ली दंगों पर जिस किताब का ब्लूम्सबरी ने प्रकाशन रद्द किया था, अब उसकी मैनुस्क्रिप्ट (पांडुलिपि) लीक करने के आरोप लग रहे हैं।

‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में हेराफेरी चीन की, मोदी घृणा में भारत का नाम जोड़ रहे लिबरल

लिबरल गिरोह भारत की सुधरी हुई रैंकिंग से इतना परेशान है कि उसे उन 4 देशों में भारत का नाम चाहिए, जिनकी रैंकिंग में हेरफेर का संदेह जताया गया है।

ये पतित गैंग कंगना की 2009 की तस्वीरें क्यों दिखा रहा है? ‘माह लाइफ माह रुल्ज’ का वोक नारा भी वामपंथियों के लिए ही...

लेफ्ट-लिबरल्स को यह सवाल खुद से पूछना चाहिए कि क्या 'माय लाइफ माय रूल्स' का 'वोक' नारा भी सिर्फ पादुकोण या कपूर परिवार की बेटियों के अधिकारों के लिए ही है?

‘जामिया के जिहादी अगर…’: नौकरशाही में संप्रदाय विशेष के घुसपैठ पर सुदर्शन की रिपोर्ट आने से पहले विवादों में

नौकरशाही में संप्रदाय विशेष के कथित घुसपैठ पर सुदर्शन न्यूज की रिपोर्ट आने से पहले विवादों में घिर गई है।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता: उसकी कमीज मेरी कमीज़ से सफेद कैसे? लोकतंत्र के लिए ये दाग अच्छे नहीं

सुप्रीम कोर्ट तक की निंदा करने वाले क्या सच में 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता' के पक्षधर हैं? या फिर ये बुद्धिजीवी का नक़ाब ओढ़े हुए...

दिल्ली दंगों पर किताब रुकवाने वाला विलियम डेलरिम्पल है औरंगजेब का मुरीद, #Metoo में भी उछला था नाम

विलियम डेलरिम्पल अभी दिल्ली दंगों पर किताब के प्रकाशन को रुकवाने के कारण चर्चा में है। हालॉंकि यह पहला मौका नहीं है जब उसने अपनी जहरीली मानसिकता दिखाई हो।

जब UPA सरकार में मंत्री रहे प्रफुल्ल पटेल के विरोध के बाद ब्लूम्सबरी ने वापस ले ली थी किताब

ब्लूम्सबरी इंडिया ने जनवरी 2014 में जितेंद्र भार्गव द्वारा लिखी पुस्तक ‘The Descent of Air India’ के प्रकाशन को वापस ले लिया था।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें