रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि फेसबुक इंडिया टीम में कई वरिष्ठ अधिकारी एक विशेष राजनीतिक विचारधारा के समर्थक हैं और फेसबुक के संगठन में सत्ता संघर्ष चल रहा है।
यह फैसला देकर जजों ने अपनी सूझबूझ का परिचय तो दिया ही है, साथ ही किसी भी लोकतंत्र में नकारात्मक प्रेशर-ग्रुप्स को भी एक शानदार मैसेज दिया है कि वे कोर्ट को कोई हलवा न समझें।
लेफ्ट-लिबरल्स को यह सवाल खुद से पूछना चाहिए कि क्या 'माय लाइफ माय रूल्स' का 'वोक' नारा भी सिर्फ पादुकोण या कपूर परिवार की बेटियों के अधिकारों के लिए ही है?
विलियम डेलरिम्पल अभी दिल्ली दंगों पर किताब के प्रकाशन को रुकवाने के कारण चर्चा में है। हालॉंकि यह पहला मौका नहीं है जब उसने अपनी जहरीली मानसिकता दिखाई हो।