शादी नहीं करने की बात पर उसने अपहरण, दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी तक दी थी। पीड़िता ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी लगभग 20 दिन पहले गाँव आकर अपने परिजनों को दी थी।
याचिका में वकील का कहना है कि उसके मुवक्किल तौसीफ को खतरा है, उस पर किसी भी वक्त हमला हो सकता है। इस बात को मद्देनज़र रखते हुए उसे जेल के अन्दर एक सुरक्षित बैरक में रखा जाए।
हिंदू पीड़िता और मुस्लिम आरोपित की बात आते ही आखिर क्यों ये सवाल नहीं पूछा जाता कि हिंदुओं की बच्चियों को फर्जी प्रेम में क्यों फँसाया जा रहा है। क्यों उनका रेप हो रहा है।
इस फ़िल्म पर लवजिहाद को बढ़ावा देने, हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने जैसे कई संगीन आरोप लगाए गए थे। इसके अलावा करणी सेना द्वारा फिल्म के मेकर्स को एक लीगल नोटिस भी भेजा गया था।
कॉन्ग्रेस के पूर्व MLA और पूर्व मंत्री खुर्शीद अहमद निकिता के हत्यारे के चचेरे दादा लगते हैं। इसी तरह वर्तमान में मेवात के नूँह से कॉन्ग्रेस MLA आफताब अहमद उसके चाचा हैं।