शाकिब ने अपने मजहब की पहचान छिपा कर एक युवती को न सिर्फ झाँसा दिया बल्कि उसे मार भी डाला। एक वर्ष पहले हुई इस हत्या का राज़ मेरठ पुलिस ने अब सुलझाया है।
पुलिस ने बताया कि महिला की शादी 6 साल पहले असलम से हुई थी। दोनों का 3 साल का एक बच्चा भी है। पीड़िता का आरोप है कि असलम ने अपना नाम सोनू बताकर उससे नजदीकियाँ बढ़ाईं और शादी कर ली।
मेडिकल की पढ़ाई कर रही निमिषा को सज्जाद ने प्यार के जाल में फॅंसाया। मुस्लिम बनाया। गर्भवती होते ही तलाक दे दिया। फिर एक मुस्लिम संगठन ने मदद के नाम पर दोबारा निकाह करवाया और आतंकी बनाकर अफगानिस्तान भेज दिया।