शख आमेर ने अपना बयान वापस लेते हुए कहा कि उसने अपने समुदाय के सदस्यों के बीच अपना कद बढ़ाने और उससे झगड़ा करने वाले लोगों को सबक सिखाने के लिए मनगढ़ंत कहानी के आधर पर पुलिस से शिकायत की।
चश्मदीद गणेश ने कहा है कि इमरान के साथ मारपीट आपसी दुश्मनी की वजह से हुई थी। जय श्री राम नहीं बोलने पर मारपीट की बात झूठी है। इमरान को गणेश और उसकी पत्नी ने ही बचाया था।
इस वीडियो में वो पुलिस व डॉक्टर्स के साथ अपशब्द बोलती साफ़ नज़र आ रही हैं। अस्पताल की शांति को तार-तार करते हुए उन्होंने कई पुलिसकर्मियों के साथ ऊँची आवाज़ में बात तो की ही साथ वहाँ मौजूद महिला पुलिसकर्मियों को भी खरी-खोटी सुनाई।
“मुझे लगता है कि मुस्लिमों की आबादी के अनुपात के हिसाब से अल्पसंख्यक समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिलता है। पार्टी की रणनीतिक समिति में सिर्फ एक ही व्यक्ति रहता है। मेरे जैसे व्यक्ति को भी कमिटी में होना चाहिए।”
चेहरे को पत्थर से कुचल दिया। दाहिने हाथ को क्षत-विक्षत किया गया। यह सब इसलिए ताकि पहचान छिपाई जा सके। लेकिन 3 टैटू, सोशल मीडिया प्रोफाइल और मोबाइल लोकेशन ने अपनी ही गर्लफ्रेंड के हत्या आरोपित अशरफ़ शेख़ को पहुँचाया जेल।
याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने राजनीतिक दबाव में यह फैसला किया है। साथ ही इस फैसले से सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित आरक्षण की 50 फीसदी सीमा का उल्लंघन भी होता है। एसईबीसी आरक्षण कानून मराठा समुदाय को शिक्षा में 12 और नौकरी में 13 फीसदी आरक्षण प्रदान करता है। इस कानून के पास होने के बाद महाराष्ट्र में आरक्षण की सीमा बढ़कर 68 फीसदी हो गई है।
कैलाश के बारे में स्थानीय एनसीपी नेताओं ने यह भी कहा कि उसने मार्च में पार्टी के लिए समय न निकाल पाने की बात कहते हुए इस्तीफा दे दिया था। वह पार्टी की स्थापना के समय से ही इसका सदस्य था। ईनामी नक्सलियों किरण कुमार और नर्मदक्का की गिरफ़्तारी के बाद उनकी निशानदेही पर कैलाश को गिरफ़्तार किया गया।
बेटे के इस व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने कहा , "हाइवे के लिए प्रदर्शन ठीक है, लेकिन हिंसा पूरी तरह गलत है।" उन्होंने कहा, "यदि एक पिता बगैर गलती के माफी मांग सकता है तो बेटे को माफी मांगनी पड़ेगी।"
वीडियो में देखा जा सकता है कि नीतेश इंजीनियर को धमका रहे हैं और इसी दौरान उनके समर्थक बाल्टी भर कीचड़ इंजीनियर पर उड़ेल देते हैं। इसके बाद भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ तो एक नदी पर बने पुल की रेलिंग में इन लोगों ने इंजीनियर को बाँध दिया।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ममता डिसूजा ने बताया कि पीड़ित मोहम्मद शेख ने शनिवार सुबह जब छोटे भाई को अपने मोबाइल फोन पर पबजी खेलने से मना किया तो वो क्रोधित हो गया। किशोर ने गुस्से में आकर अपने बड़े भाई मोहम्मद शेख का सिर दीवार पर दे मारा और फिर उस पर लगातार कैंची से हमला किया।