बीते दिनों शारदा चिट-फंड घोटाले की जाँच के लिए सीबीआई की टीम पश्चिम बंगाल के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ करने गई थी, लेकिन तब ममता बनर्जी कमिश्नर की सुरक्षा के लिए धरने पर बैठ गई थीं।
पूरे मामले पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि विधायक पर हमला, टीएमसी के भीतरी कलेश को दर्शाता है। इससे स्पष्ट होता है कि किस तरह आपसी गुटों में झगड़ा चल रहा है।
स्टिंग ऑपरेशन में यह खु़लासा हुआ है कि ज़मीनी स्तर पर कोई खास इंटेलीजेंस इनपुट नहीं था, जिसके आधार पर रथ यात्रा पर रोक लगाने की बात को वाजिब ठहराया जा सके।
बंगाल सरकार देशभर से आए ऐसे लोगों का स्वागत करती है जिनपर गंभीर आरोप हैं। घुसपैठियों का भी स्वागत करती है लेकिन दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल, भाजपा के नेताओं को रोका जाता है।
दामाद जी को प्रवर्तन निदेशालय के दफ़्तर में हाज़िरी लगानी पड़ रही है। चिटफंड घोटालों की आँच ममता तक जा पहुँची है। फ़र्जी कंपनियों की पोल खुल रही है। इसीलिए, लोकतंत्र ख़तरे में है।
इस प्रदर्शन के दौरान एनसीपी के कार्यकर्ताओं नें कुत्तों के गले में पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की तख्तियाँ डाली। साथ ही सरकार पर आरोप मढ़ा कि सरकार ने सीबीआई का दुरुपयोग किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, डीजीपी और कोलकाता पुलिस कमिश्नर को मानहानि याचिका पर नोटिस भी भेजा है। इस मामले पर अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी।