खुफिया एजेंसियों ने ऐसे तमाम संगठन और मशहूर लोगों के नाम की सूची बनाकर उनके नंबर जुटाने शुरू कर दिए हैं, जिनसे पूछताछ होनी है कि बरेली में हत्यारों को हर मुमकिन मदद किस किस ने दी।
अब इस मामले में आरोपितों के अलावा उनसे जुड़े संदिग्ध लोगों की भी जाँच जारी है। जिसमें अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का एक पूर्व छात्र भी शामिल है। जो गुजरात का ही निवासी है।
कल्याणपुर गाँव में वर्चस्व को लेकर लम्बे समय से तृणमूल के स्थानीय अध्यक्ष और पार्टी के एक जिलास्तरीय नेता के बीच संघर्ष चल रहा है। दोनों पक्षों के बीच हिंसा में गोली लगने से शेख इन्सान मारा गया।
मोहमद निसार ने अवैध संबंधों के शक में बेगम सोनी उर्फ़ अख्तरी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। वह इतने पर ही नहीं रूका, उसने सास और पत्नी की बहन (साली) को भी कुल्हाड़ी से...
इस खुलासे के बाद पूरे मामले में नया मोड़ आ गया। जहाँ अभी तक कॉलेज प्रशासन कह रहा था कि नमृता की मौत आत्महत्या है, वहीं फॉरेंसिक लैब से आई ब्लड सैंपल की रिपोर्ट किसी दूसरी ओर ही इशारा कर रही है।
जम्मू-कश्मीर में आतंकी ऐसे ट्रक ड्राइवरों को निशाना बना रहे हैं, जो बाहर से आते हैं। 24 अक्टूबर को सेब लेकर जा रहे ट्रक ड्राइवर की शोपियाँ में हत्या कर दी गई थी। उससे पहले 14 अक्टूबर को शरीफ ख़ान नामक ट्रक ड्राइवर की हत्या कर दी थी।
अंजू और अकबर पारिवारिक दोस्त थे लेकिन बाद में दोनों प्रेमी हो गए। अकबर और उसके दो दोस्त मिल कर अंजू के पति पूरन चंद ग्रोयर को शराब पीने के लिए अपने साथ ले गए। वहीं ग्रोयर की हत्या कर दी गई। हत्या का षड्यंत्र अंजू ने...
भीड़ में क़रीब 20 संदिग्ध लोग शामिल थे, जिन्होंने पटाखे उड़ाने से मना किया। जवाब में अमरेश व उनके दोस्तों के साथ उनकी कहासुनी हो गई। इसके बाद एक ने अमरेश के दोस्त की कनपट्टी पर बन्दूक रखा और अन्य ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
22 अक्टूबर से इस मामले की सुनवाई फिर से शुरू हो गई है। इतने पुराने मामले के गुनहगार शायद ही मिलें। लेकिन, इसने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। क्या इतने पुराने मामले दोबारा खोले जाने चाहिए?
हाल के समय में बंगाल में राजनीतिक हिंसा की घटनाओं में तेजी देखी गई है। भाजपा नेताओं का कहना है, " पश्चिम बंगाल में कानून का कोई राज नहीं हैं। जहाँ आमिर को मारा गया, वह जगह एसडीपीओ कार्यालय से ज्यादा दूर नहीं है।"