इस सूची में भारत की 3 महिलाओं को जगह दी गई है। 23 महिला पहली बार सूची में आईं हैं। स्वतंत्र रूप से वित्त मंत्रालय का कार्यभार सॅंभालने वाली निर्मला सीतारमण पहली महिला हैं। वे रक्षा मंत्री भी रह चुकी हैं।
यह कोई पहला मौका नहीं है कि जब अधीर होकर उन्होंने ऐसा बयान दिया हो। इससे पहले वह पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को घुसपैठिया तक कह चुके हैं। संसद में पहले ही दिन एनआरसी का विरोध करते हुए उन्होंने कहा था कि मोदी और शाह दोनों खुद गुजरात से आकर दिल्ली में बस गए।
"बैंकों के फँसे कर्जों के संकट (एनपीए क्राइसिस) के बीज 2007-08 में पड़ गए थे। तब मनमोहन सिंह और सोनिया गाँधी की कॉन्ग्रेस के नेतृत्व में यूपीए सरकार सत्ता में थी। इस काल खंड में बहुत सारे खराब कर्ज बाँटे गए, आज इनकी साफ़-सफाई होना विकास के लिए ज़रूरी है।"
सीतारमण ने कहा कि राजन के समय में बैंक कर्जों में बहुत समस्याएँ थीं। राजन के ही RBI प्रमुख रहते भ्रष्ट नेताओं के फ़ोन कॉल से क़र्ज़ मिल जाया करते थे। बैंकों को उस दलदल से निकलने के लिए सरकार से पूँजी ले-ले कर काम चलाना पड़ रहा है।
"अमेरिका में हाउडी मोदी कार्यक्रम से पहले ये ऐलान किए गए हैं, यानी सट्टेबाजों को छूट देने की तैयारी है। आज़ादी के बाद हिन्दुस्तान सबसे बुरे दौर से गुज़र रहा है। हमारे पास संवेदनहीन सरकार और सकर्कस देखने के अलावा और कुछ उपलब्ध नहीं है।"
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE के सेंसेक्स ने नया रिकॉर्ड बनाया। सेंसेक्स में एक दिन में 1800 से ज्यादा अंकों की उछाल देखी गई। ऐसा इससे पहले करीब 10 साल पहले देखा गया था। निफ्टी 11 हजार के पार पहुॅंच गया। डॉलर के मुकाबले रुपया भी मजबूत हुआ है।
बैंकों के विलय और विदेशी निवेशकों को राहत के बाद अब सरकार ने एक्सपोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए क़दम उठाए हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि महंगाई दर नियंत्रण में है। RBI को खुदरा महंगाई दर 2% से 6% के दायरे में रखने का लक्ष्य दिया गया है।
“हम प्री-फिल्ड आईटी रिटर्न की तरफ बढ़ रहे हैं। हमारी अर्थव्यवस्था का मोमेंटम खत्म नहीं हुआ है। हमारे लिए ग्रोथ का एजेंडा सबसे ऊपर है। इसके साथ ही ESIC मे भी राहत का ऐलान किया है। अधिग्रहण-विलय के लिए आसानी से अनुमति मिल रही है।"
औद्योगिक गलियारों के बनने से उद्योग की संभावना वाले क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अधिक निवेश आने से इन्फ्रास्ट्रक्चर का बेहतर विकास होगा, समर्पित माल भाड़ा गलियारों से हमारे रेल नेटवर्क पर बोझ घटेगा, जिससे आम आदमी को लाभ होगा। भारतमाला कार्यक्रम से राष्ट्रीय सड़क गलियारों और राजमार्गों के विकास में मदद मिलेगी, जबकि सागरमाला से बंदरगाहों को जोड़ने और उनके आधुनिकीकरण में मदद मिलेगी।
मोदी सरकार की दो प्रमुख योजनाओं उज्जवला और सौभाग्य योजना के कारण ग्रामीण परिवारों के जीवन में नाटकीय बदलाव आया है और उनका जीवन आसान हुआ है। बीते पाँच साल में सात करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन मिले हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत सरकार का लक्ष्य 2022 तक सभी को घर मुहैया कराना है। शौचालय, बिजली और एलपीजी कनेक्शन के साथ उपलब्ध कराए जा रहे ऐसे 1.54 करोड़ घर गॉंवों में बनाए गए हैं। इस योजना के दूसरे चरण में 2022 तक 1.95 करोड़ और घर बनाए जाएँगे।