पहली पत्नी मदीहा और उसके परिवार ने दूल्हे रफीक की बेरहमी से कुटाई की और पीट पीटकर उसके कपड़े फाड़ दिए। यहाँ तक कि पुलिस ने भी तीसरी शादी कर रहे दूल्हे रफीक को हिरासत में लेने के बाद उसके साथ मारपीट की। रफीक ने पुलिस स्टेशन से भागने की कोशिश की और इसके बाद वह एक खड़ी बस के नीचे छिप गया।
26 नवंबर 2008 को भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में लश्कर के 10 आतंकियों ने हमला किया था, जिसमें 166 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और 300 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस घटना के बाद अमेरिका ने हाफिज को ब्लैक लिस्ट तो किया ही साथ ही उस पर इनाम भी घोषित किया था।
इस दौरान पाकिस्तान को अन्य देशों से समर्थन न मिल पाने का उनका दुःख भी झलका। उन्होंने कहा कि भारत का सभी देश समर्थन इसीलिए करते हैं क्योंकि वो बहुत बड़ा बाजार है और अन्य देशों को अपना बाजार खोने का डर है।
उपायुक्त ने हिंदू समुदाय से इस बात के लिए माफी भी माँगी कि बीते 70 साल में उन्हें यह मंदिर नहीं सौंपा गया। उन्होंने कहा कि मंदिर को इसके वास्तविक रूप में बहाल किया जाएगा। मरम्मत और साज-सज्जा के बाद हिंदू मंदिर में पूजा अर्चना कर सकेंगे।
सिंध हाईकोर्ट ने हुमा के जबरन मजहबी धर्मान्तरण और निकाह को अवैध ठहराने से मना कर दिया। क्योंकि ये दोनों ही इस्लामिक क़ानून के तहत जायज हैं। जजों ने शरिया क़ानून का हवाला देकर लड़की के साथ हुई क्रूरता को सही ठहरा दिया क्योंकि उसके पीरियड्स आ चुके थे। लड़की के माँ-बाप कोर्ट में ही रोने लगे।
मियाँ मोहम्मद अकरम उस्मान ने इस पोस्टर में मुहम्मद अली जिन्ना और पकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की तस्वीर लगाई है। इसके साथ ही, पोस्टर में भारत के झंडे तिरंगा को भी दिखाया गया है, जिस पर 'क्रॉस' का निशान लगाया गया है।
एंकर कहती है कि 1992 में जब हिंदुओं ने बाबरी मस्जिद को शहीद करने के लिए धावा बोला था तो वहाँ कई मुस्लिम शहीद हो गए थे। उन मुस्लिमों की रूहें आज भी इस मस्जिद में मौजूद हैं, जो अब बाबरी मस्जिद को शहीद होने से रोक रहे हैं।
बीबीसी का कहना था कि शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के पूर्वजों ने पाकिस्तान को ठुकराया था और भारत को अपनाया था। इसके जवाब में भाजपा के फायरब्रांड नेता योगी ने कहा कि उन लोगों ने पाकिस्तान न जाकर भारत पर कोई एहसान नहीं किया है।
“ये भारतीय छात्र हैं, इन्हें एयरपोर्ट ले जाया जाएगा और वहाँ से फिर इन्हें इनके घर पहुँचाया जाएगा। बांग्लादेश वाले भी चले जाएँगे। एक हम पाकिस्तानी हैं, जो यहाँ पर फँसे हैं। जिनकी सरकार कहती है कि आप मरो या जियो, हम आपको नहीं निकालेंगे। शेम ऑन यू पाकिस्तान, सीखो भारत से कुछ सीखो।”
आईटीबीपी ने संक्रमित भारतीय मरीजों को बुनियादी चिकित्सा सेवा देने के लिए दिल्ली में 600 बिस्तरों वाला अलग केंद्र तैयार किया है। चीन से भारत पहुँचे यात्रियों को दक्षिण पश्चिम दिल्ली के छावला इलाके में 14 दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा।