चिकने चेहरों की बात करने वाले सज्ज्न सिंह ये बताने का कष्ट करेंगे कि क्या वो इस नेता नगरी में कोई ब्यूटी कॉन्टेस्ट जीत कर आए थे, या उन्हें मंत्री पद दान में मिल गया था ?
प्लांट लगाने में करीब साढ़े 3 लाख का ख़र्च आया। हेमंत ने बताया कि यहाँ लगाए गए चूल्हे पर बने खाने को रोज़ाना शाम को 6 से 8 बजे तक ज़रूरतमंद बच्चों को बाँटा जाता है।
जानकारों की माने तो अब NSCS के अधिकारी रक्षा, गृह और विदेश मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों के अतिरिक्त लगभग हर मंत्रालय जैसे कि रेलवे, नागरिक उड्डयन, पर्यावरण आदि के सचिवों से भी लगातार परामर्श करते रहेंगे।
2019 के शुरुआती महीने में निर्वासन के डर से क़रीब 1300 रोहिंग्याओं ने बांग्लादेश में पलायन किया है, जिसकी वजह से नई दिल्ली को और केंद्रीय सरकार को काफ़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
इन्हीं उद्देश्यों के साथ 2018 की दूसरी छमाही में इंदौर, अहमदाबाद, हैदराबाद, दिल्ली और भोपाल में पाँच आदि महोत्सव आयोजित किए गए। 2019 की पहली छमाही में 12 आदि महोत्सव आयोजित किए जाएँगे।
इस मौके पर मॉरीशस के पीएम प्रविंद्र जुगनाथ ने हिंदी में कहा कि इस पवित्र नगरी में आए प्रवासी भारतीयों को मेरा प्रणाम। हम संस्कृति की गोद में हैं और यहाँ से गंगा जी का आशीर्वाद लेकर अपने अपने देश जाएँगे।
“ये महागठबंधन एक अनोखा बंधन है। ये बंधन नामदारों का बंधन है। ये बंधन भाई-भतीजावाद का बंधन है। ये बंधन भ्रष्टाचार और घोटालों का बंधन है। ये बंधन नकारत्मकता का बंधन है।"