दोनों समुदाय के बीच घंटों चले पथराव में सौरभ, विवेक, इंद्रपाल, सुमित, टीटू, शरद, पुनीत, सोनू, पप्पू, माया, कल्लो, पूरन सहित कुल 12 लोग घायल हो गए। सभी को पुलिस ने अलीगढ़ के जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। वहीं पुलिस ने मौके पर पीछा कर प्रधान चमन खाँ पक्ष के 6 लोगों को हिरासत में ले लिया है।
जमातियों की इस हरकत की सूचना सफाईकर्मी ने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। इस हरकत की खबर फौरन नरेला इंडस्ट्रियल थाना पुलिस को दी गई और पुलिस ने बाराबंकी निवासी मो. फहद और अदनान जहीर के खिलाफ मामला दर्ज किया।
शाहिद कबूतर, मजिद मामू और मोहसिन कचौड़ी ने मिलकर दो पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। जब तक बाकी पुलिस कर्मी उनके पास मदद करने पहुँचते, आरोपित हमला कर भागने में कामयाब हो गए। तीनों के साथ घूम रहे 15 लोगों की तलाश की जा रही है।
पुलिस द्वारा जारी बयान में बताया गया है कि इंस्पेक्टर आईबी अजमेरी और सब इंस्पेक्टर एसएस डरैया शुक्रवार को ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान दोनों आहवा कलेक्टर कार्यालय के निकट की मस्जिद में मौलवी और अन्य के साथ सामूहिक नमाज पढ़ने चले गए।
हरिद्वार जिले के गैंडीखाता गुज्जर बस्ती में बड़ी संख्या में जमातियों को देखा गया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे गाँव को ही सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी लोगों के सैंपल लेकर जाँच के लिए भेज दिया है। गाँव के बाहर कैंप लगाकर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है।
जमात के कार्यक्रम से हिस्सा लेकर लौटे दो भाई कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद अस्पताल में एडमिट किए गए थे। इनमें से एक की तबीयत बिगड़ने के कारण मौत हो गई। इसके बाद दूसरे भाई ने डॉक्टर एवं स्टाफ पर न केवल हमला बोल दिया, बल्कि उन पर थूक भी दिया था।
बेंगलुरु में कोरोना वायरस से जुड़ा डेटा कलेक्ट करने गई एक आशा कार्यकर्ता पर लोगों ने हमला कर दिया। कार्यकर्ता कृष्णावेनी का आरोप है कि एक मस्जिद से लोगों को भड़काया गया और इसके बाद उन पर हमला किया गया।
पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश करते हुए मस्जिद में इकट्ठा नहीं होने और अपने घरों में नमाज पढ़ने को कहा। इसके बाद उनकी पुलिस से नोंकझोंक हो गई। इसी बीच किसी ने अफवाह फैला दी कि पुलिस मौलवी को पीटते हुए थाने ले जा रही है। इसके स्थानीय लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
अमरिया क्षेत्र के रहने वाले 35 लोग 25 फरवरी को उमरा करने के लिए सऊदी अरब गए थे, जो कि 20 मार्च को सऊदी अरब से मुंबई के एयरपोर्ट पहुँचे थे, जहाँ सभी की स्क्रीनिंग की गई। जाँच में संदिग्ध पाए जाने पर सभी लोगों को कोरोना वायरस संदिग्ध की मुहर लगाई गई थी।
जमातियों ने मस्जिद में रहने के दौरान कई बार गाँव में भ्रमण किया था और सैकड़ों लोगों से अलग-अलग समय में मुलाकात भी की थी। अब सभी को रिपोर्ट का इंतजार है। इन सभी जमातियों ने दिल्ली में हुए मजहबी सम्मेलन में हिस्सा लिया था।