"लोगों के बीच जागरूकता बहुत कम है। उन्हें जागरूक करने के लिए हमने कुछ अलग करने की सोची। हमने एक हेलमेट डिजाइन किया है जो कोरोना वायरस की तरह दिखता है। हमने कुछ ऐसा करने के बारे में सोचा, जो लोगों को डराए और उन्हें घर पर बनाए रखे।"
इस वीडियो में देखा जा रहा है कि सड़क पर घूम रहे एक गरीब, बेसहारा को पुलिसकर्मी अपनी जेब से 100 रुपए दे रहे हैं। बेसहारा आदमी पुलिसकर्मी के आगे हाथ फैलाते हुए देखा जा रहा है।
केरल के कासरगोड जिले के डेलमपेडी में एक उप-निरीक्षक समेत चार पुलिसकर्मियों पर उस वक्त हमला किया गया जब ये लोग स्वास्थ्य विभाग की एक टीम की कॉलोनी में प्रवेश करने में मदद कर रहे थे। स्थानीय लोगों द्वारा किए गए इस हमले में 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश में पुलिस ने एक ट्वीट के द्वारा बताया कि उन्होंने व्हाट्सएप के जरिए बुजुर्ग की दवा मँगवाकर उनके घर तक पहुँचाई। इसी के साथ जरूरतमंद लोगों के घरों तक किचन से सम्बंधित खाने की वस्तुएँ भी उपलब्ध करवा रही है।
जिले में घोषित लॉकडाउन के बाद भी एक मौलवी द्वारा मदरसे में बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। इसकी जानकारी जब जिला प्रशासन को हुई तो उसने तत्काल कार्रवाई करते हुए मदरसा संचालक को हिरासत में ले लिया।
हिंसा के काफी समय बाद तक पुलिस का शक शाह आलम की तरफ नहीं गया था। जिसके कारण उसके ऊपर कोई एफआईआर नहीं हुई और न ही उससे कोई पूछताछ हुई। बस फिर क्या था, इसी का फायदा उठाकर वह फरार हो गया।
"उत्तर-पूर्वी जिले के नालों से 4 लाशें बरामद हुईं है। ये सभी उन इलाकों में मिली, जहाँ सोमवार और मंगलवार को हिंसा भड़की थी। हम इनकी शिनाख्त में जुटे हैं। पुलिस को घरों और इमारतों की तलाशी के लिए तैनात कर दिया गया है।"
"मेरी बेटी ने रैली में जो किया, वह बिल्कुल गलत था। उसने जो कहा, वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैंने कई बार उससे कहा कि वो मुस्लिमों से न जुड़े। उसने मेरी बात नहीं सुनी। मैंने उसे कई बार भड़काऊ बयान नहीं देने के लिए भी कहा, लेकिन उसने एक नहीं सुनी।"
"हमने अदालत के सामने 10 आईडी कार्ड पेश किए थे। वे सभी फर्जी थे। इनमें एक अजमल कसाब का था, बाकी सभी मरे हुए आतंकियों के थे। यह सच है कि सभी आईडी में हिंदू नाम थे। और कसाब ने भी मुंबई की अदालत में बयान दिया था 10 आतंकियों के पास 10 फर्जी आईडी के बारे में। इस तथ्य को हमने कोर्ट में साबित भी किया।"
भारत में मस्जिदों पर ताले लगे होते हैं, मुस्लिमों को नमाज पढ़ने नहीं दिया जाता है। - ये बातें अजमल कसाब का ब्रेनवॉश करने के लिए उससे कही गई थीं। 26/11 हमले से पहले उसे 1.25 लाख पाकिस्तानी रुपए भी दिए गए, जो उसने अपनी बहन की शादी के लिए...