'मौत का सौदागर' से लेकर 'दिल्ली में मोदी की माँ-बहन हो जाएगी' तक कॉन्ग्रेस के संस्कार में रत्ती भर फर्क नहीं आया है। ये ढीठ ऐसे हैं कि जाकिर कह रहा कि उसने मजाक में देश तोड़ने की बात कही थी।
चीन में जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वेबसाइट को 'द ग्रेट फायरवॉल' के जरिए ब्लॉक कर दिया गया है वहीं कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी की वेबसाइट पर कोई रोक नहीं है।
"भारतीय सेना मजबूत सेना है। चीन को हरा सकती है। राहुल गाँधी, आप नेतागिरी मत करना। ये राजनीति अच्छी नहीं है। मेरा छोरा पहले भी फौजी में लड़ा। फिर लड़ेगा शेर की तरह।"
वह असंतोष न चीन के कम्युनिस्टों के हक में होगा और न भारत के वामपंथियों और उनके पोषक कॉन्ग्रेस के। इसलिए, नानजिंग के प्रेसिडेंशियल पैलेस और जनपथ की बेचैनियाँ आज एक सी दिख रहीं।
7 अगस्त 2008 को सोनिया गाँधी की अगुवाई वाली कॉन्ग्रेस और चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के बीच एक समझौता हुआ था। शायद आज वही वजह है कि कॉन्ग्रेस चीन की नापाक हरकतों पर भी चुप्पी साधे हुए है।
इस एक ट्वीट में इतना खोखलापन और इतनी धूर्तता है कि फिर से आदमी सोचने लगता है, क्या राहुल गाँधी ये लिख सकता है? सतही तौर पर यह ट्वीट तो एक चिंतित व्यक्ति का दिखता है, लेकिन ऐसा है नहीं.......