उच्च न्यायालय ने इसे "छात्रवृत्ति की आड़ में सरकारी तंत्र द्वारा सार्वजनिक धन के दुरुपयोग" का मामला बताते हुए संज्ञान लिया। पहले राजीव गाँधी के नाम पर थी योजना।
कोटा में ईसाई मिशनरी द्वारा 50 महिलाओं, बच्चों और पुरुषों का धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा था। हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान और प्रलोभन देकर ईसाई बनने के लिए उकसाया जा रहा था